खीरी में हीरालाल धर्मशाला चौराहे पर तैनात पुलिस फोर्स।
रविवार को हर चौराहे और प्रमुख स्थानों पर तैनात रही पुलिस, सड़कों पर दौड़ते रहे अधिकारी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में आरोपी बनाए गए मंत्री के बेटे को जेल भेजने के बाद जिला प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने की चुनौती है। शनिवार को सांसद के कार्यालय के बाहर जुटी भीड़ और नारेबाजी के बाद कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए जिला प्रशासन ने धारा-144 लागू कर दी थी, जिसका पालन कराने के लिए पूरा शहर पुलिस एवं दंगा नियंत्रण फोर्स के हवाले रहा। उधर, पुलिस के आला अधिकारी सड़कों पर दौड़ाते रहे।
तिकुनिया कांड में कार्रवाई को लेकर भाजपा समर्थक और ब्राह्मण समाज के लोग सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने विरोध में धरने का ऐलान किया है। इसको लेकर जिला प्रशासन बेहद चौकन्ना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर में धारा-144 लागू कर दी गई। इसका पालन कराने के लिए शहर को पुलिस छावनी बना दिया गया।
शहर के हर चौराहे और प्रमुख स्थानों पुलिस से लेकर दंगा नियंत्रण बल तक तैनात रहा। बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रहने से शहर के लोग सहमे रहे। उधर, बाजार खुला लेकिन, लेकिन भीड़ नहीं दिखी गई।
बैरक नंबर 21 में आशीष ने जागकर गुजारी पूरी रात
लखीमपुर खीरी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र आशीष मिश्र मोनू का फिलहाल नया पता जिला जेल की बैरक संख्या 21 है, जहां उन्हें शनिवार की रात करीब सवा बजे शिफ्ट किया गया। जेल सूत्रों के मुताबिक, शनिवार की रात उन्होंने उलझन और बेचैनी में गुजारी। वह रात भर सोए भी नहीं।
रात सवा बजे जिला जेल में दाखिल होने के बाद आशीष के चेहरे पर बेचैनी और उलझन के भाव साफ दिखाई दिए। जेल सूत्र के मुताबिक, पिता के गृह राज्यमंत्री होने के बावजूद आशीष के पास जिला जेल में दाखिल होते समय कोई भी सोने-चांदी की कीमती या अमानती वस्तु नहीं थी। मोबाइल तो ‘एसआईटी’ वालों ने पहले ही ले लिया था। जेब भी खाली थी। जेल में दाखिले के बाद जेल के डॉ. सुनील अजय ने उनका पुन: मेडिकल चेकअप किया।