53 आढ़तियों को मिली धान खरीद की परमीशन
तीन महीने बीतने को है, लेकिन सरकारी धान खरीद गति नहीं पकड़ पाई है। जबकि हाल में ही सरकार ने कमीशन एजेंट (आढ़तियों) को भी धान खरीद में शामिल किया था, जिसके बाद 53 आढ़तियों को डीएम ने परमीशन दी है। आढ़तियों ने 402.99 मीट्रिक टन धान खरीदा है। जबकि सरकार की एजेंसियों ने 23890.87 मीट्रिक टन धान खरीदा है। दोनों की मिलाकर कुल 15 फीसदी खरीद हुई है।
खरीफ क्रय वर्ष 2016-17 में प्रदेश सरकार ने जिले में एक लाख 64 हजार 240 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिले भर में एक अक्तूबर से 97 क्रय केंद्र खोले गए, जिनमें प्रदेश की आठ खाद्य विभाग, पीसीएफ, एग्रो, एसएफसी, कर्मचारी कल्याण निगम, एनसीसीएफ, यूपी कोआपरेटिव यूनियन, नैफेड और केंद्र की एफसीआई एजेंसियां शामिल हैं। इनमें नैफेड ने खरीद ही शुरू नहीं की, जबकि अन्य एजेंसियों ने भी अघोषित तौर पर किसानों से धान की खरीद बंद कर रखी है। खाद्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2978 किसानों से धान की खरीद की गई है, जिन्हें 35.44 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। आढ़तियों के खरीद में शामिल होने से विभागीय अधिकारी धान खरीद में तेजी आने की उम्मीद जता रहे थे, लेकिन अभी ऐसा नहीं हो सका है। बल्कि अधिकारी इसे नोटबंदी का असर मानकर देख रहे हैं, लेकिन सूत्रों की माने तो किसानों का ज्यादातर धान बिचौलियों ने पहले से ही खरीद लिया है, जिसे आढ़तियों के माध्यम से सरकारी खरीद में खपाया जा सकता है।
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कुछ एजेंसियों ने धान खरीद में दिलचस्पी नहीं ली, जिससे लक्ष्य के अनुरूप खरीद नहीं हो सकी। आढ़तियों को परमीशन मिलने से धान खरीद में तेजी आ रही है।
-कौशल देव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी