लखीमपुर खीरी/निघासन। तीन अक्तूबर को तिकुुनिया हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन ने रिपोर्ट दर्ज न होने पर न्यायालय की शरण ली है। पवन ने बताया कि मामले में चार अक्तूबर को ही निघासन थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई थी। लेकिन पुलिस ने एफआईआर नहीं दर्ज की। इसलिए उन्होंने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री व उनके पुत्र आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी है।
पवन कश्यप की अर्जी पर सुनवाई करते हुए प्रभारी सीजीएम मोना सिंह ने तिकुनियां पुलिस से रिपोर्ट तलब कर अगली सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है। उधर, एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट जांच टीम को एफआईआर में रमन कश्यप के नाम को लेकर गड़बड़ करने पर फटकार लगा चुकी है।
पवन कश्यप ने सीजेएम अदालत में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत अर्जी देकर बताया कि तीन अक्तूबर को उनके भाई रमन कश्यप किसानों के प्रदर्शन की वीडियो बना रहे थे। इसी बीच तीन गाड़ियों के काफिलेे ने किसानों व उनके भाई रमन कश्यप पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी।
थार के नीचे फंसा था रमन का शव
पवन कश्यप ने अपनी अर्जी में बताया कि रमन का शव थार में फंस जाने के कारण गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी। पीछे आ रही फॉर्च्यूनर को चालक दाहिने लेकर भागा लेकिन, सामने खड़ी बस की वजह से भाग नहीं सका। जबकि, तीसरी गाड़ी स्कॉर्पियो रास्ता पाकर भाग गई। आरोप है कि फॉर्च्यूनर व थार में बैठे आशीष मिश्रा, सुमित जायसवाल व अन्य सभी आरोपी तमंचे से फायर करते हुए गाड़ियों से निकलकर भागने लगे। जिन्हें पुलिस ने 7-8 लोगों को घेरे में ले लिया और उग्र भीड़ से बचाते हुए गन्ने के खेत तक लेजाकर छोड़ा। जब किसान पीछा करने गए तो पुलिस ने किसानों को रोककर सभी को भागने का मौका दिया। जबकि गाड़ी से रौंदे जाने से चार किसानों समेत रमन कश्यप की भी मौत हो गई। दो दर्जन लोग घायल हुए।
एक नवंबर को एसपी से मिले, नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। पवन कश्यप ने अर्जी में अदालत को बताया कि पिता ने तीन अक्तूबर की रात को ही तिकुनिया थानेे में रमन की गुमशुदगी की तहरीर थानाध्यक्ष निघासन को दी थी। बाद में सूचना मिली की रमन का शव मोर्चरी में रखा है। परिजन ने आरोप लगाया कि चार अक्तूबर को मामले की लिखित तहरीर थानाध्यक्ष निघासन को दी गई थी। पांच अक्तूबर ने थानाध्यक्ष ने अवगत कराया था कि घटना की रिपोर्ट थाना कोतवाली तिकुनिया में 219 नंबर एफआईआर में दर्ज है। लेकिन, एफआईआर पढ़ने पर रमन कश्यप की हत्या का उसमें कोई जिक्र नहीं था। पवन ने बताया कि कई बार मनुहार करने पर भी थानाध्यक्ष तिकुनिया ने टाल मटोल की। मामले में एक नवंबर को एसपी विजय ढुल से मिलकर भी प्रार्थनापत्र देकर रिपोर्ट लिखने की याचना की। लेकिन, रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
पत्रकार के भाई पवन ने इन्हें बनाया आरोपी
लखीमपुर खीरी। पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप पुत्र रामदुलारे निवासी थाना निघासन ने अदालत को अर्जी देते हुए आशीष मिश्रा, अजय मिश्र टेनी, सुमित जायसवाल, अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, आशीष पांडेय, लवकुश राना, नंदन सिंह बिष्ट, शिशुपाल, मोहित त्रिवेदी, रिंकू राना, धर्मेंद्र बंजारा, शेखर भारती, सत्यप्रकाश त्रिपाठी को आरोपी बनाया है। पवन ने अदालत से गुहार लगाई है कि तिकुनिया कोतवाल को मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश देकर न्यायोचित कार्रवाई की जाए। मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए प्रभारी सीजेएम मोना सिंह ने अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन नियत किया है।