लखीमपुर खीरी के जंगल में हाथियों को खदेड़ते ग्रामीण और वन कर्मी।
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बांकेगंज। किशनपुर सेंक्चुरी के रेशमफाटा से निकलकर जंगली हाथियों ने मैलानी रेंज के जंगल से सटे कई गांवों में धावा बोला। हाथी फसलों को नुकसान पहुंचा पाते इससे पहले ही वन कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें खदेड़ दिया।
डीडी बफरजोन डॉ. अनिल कुमार पटेल का कहना है कि बुधवार की रात जंगली हाथियों ने मैलानी रेंज के जंगल के आसपास कई गांवों में धावा बोला, लेकिन वन कर्मियों के सहयोग से ग्रामीणों ने हाथियों को खदेड़ने में कामयाबी हासिल की। इससे हाथी फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा पाए है। अब इस जागरूकता कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया जाएगा।
राजेपुुर गांव में गन्ने की फसल तबाह कर रहे नेपाली हाथी
मैलानी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के मैलानी जंगल की खरेहटा बीट से निकलकर हाथियों का झुंड बुधवार की रात लगभग 11 बजे राजेपुर गांव के पास पहुंच गया। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीणों ने एकत्र होकर ट्रैक्टरों से रोशनी करने के साथ ही शोरगुल और पटाखे दागना शुरू किया।
ग्रामीणों के मुताबिक, पहले हाथी शोरगुल और पटाखों की आवाज से भाग जाते थे, लेकिन अब हाथी जल्दी भागते नहीं हैं। ग्रामीण बमुश्किल बारह बजे हाथियों को गांव के पास से खदेड़ सके। इस दौरान हाथी राजेपुर निवासी जावेद, इलियास, नूर मोहम्मद, सामू भार्गव और सुवाबोझ निवासी लक्खा के खेतों में खड़ी गन्ने की फसल बर्बाद कर गए।