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युवती को बहलाकर भगा ले जाने में पांच साल की कैद

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कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।) - फोटो : iStock
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पांच जून 2010 को युवती को एक महिला की मदद से साथ ले गया था श्रीपाल
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लखीमपुर खीरी। युवती को बहलाकर भगा ले जाने के मामले में एडीजे एफटीसी विकास श्रीवास्तव ने अपहरणकर्ता को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी क्रिमनल रमारमन सैनी ने बताया कि भीरा क्षेत्र के एक ग्राम की रहने वाली किशोरी गांव में ही शौच के लिए खेतों में जा रही थी तभी पांच जून 2010 को श्रीपाल निवासी ग्राम चक थाना भीरा अपने साथ एक महिला की मदद से किशोरी को भीरा में पिक्चर दिखाने का झांसा देकर साथ ले गया।
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किशोरी के घरवालों ने गुमशुदा लड़की को काफी तलाश करने के बाद पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस द्वारा रिपोर्ट न लिखे जाने से परिजन पुलिस अधीक्षक से मिले थे। तब श्रीपाल और उसके लड़के संजय, शिवसहाय और पुत्री मंशा देवी के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी।
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अपह्त लड़की बरामदगी के बाद श्रीपाल और लड़की को बहलाकर भगा ले जाने में मदद करने के आरोप में श्यामकली के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की थी। अदालती सुनवाई के दौरान पीड़िता के साथ ही डॉ. मीनाक्षी चौधरी, श्रीमती लारी देवी, डॉ.अरुण कुमार, एसआई विजय प्रताप सिंह और रविंदर सिंह परिहार ने अपनी गवाही दर्ज कराई। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी श्रीपाल को बहला फुसलाकर भगाने के आरोप सिद्ध पाते हुए उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं महिला आरोपी श्यामकली के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने कारण उसे संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी करने का फैसला सुनाया है।
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