बफरजोन की भीरा रेंज में पैदल गश्त करते वनकर्मी।
एफडी बोले, वन विभाग की जंगल के चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
बांकेगंज। होली के दौरान दुधवा टाइगर रिजर्व समेत भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगलों में शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक (एफडी) ने स्पष्ट कहा है कि अगर कोई शिकार की घटना होती है तो वन कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
दुधवा नेशनल पार्क समेत किशनपुर सेंक्चुरी के अलावा बफरजोन के जंगलों में वन कर्मी चौबीस घंटे बारी-बारी से पेट्रोलिंग कर रहे हैं। शिकार की घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील स्थलों पर हाथियों पर सवार वन कर्मियों के अलावा डाग स्क्वायड और अत्याधुनिक हथियारों से लैस (एसटीपीएफ) स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान सघन कांबिंग कर रहे हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक संजय पाठक ने बताया कि होली के दिन जंगल में अवैध घुसपैठ और शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए जारी किए गए रेड अलर्ट के तहत सभी रेंजों में गठित वन कर्मियों की टीमों को जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के अफसरों समेत फील्ड कर्मी, रेंजर और एसटीपीएफ के जवानों को भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके समेत शिकार के लिहाज से संवेदनशील स्थलों पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कड़ी चौकसी के बावजूद शिकार की घटना हुई तो संबंधित वन कर्मी के खिलाफ कार्रवाई तय है। एफडी ने बताया कि इस बार होली के मौके पर दुधवा और किशनपुर सेंक्चुरी आने वाले सैलानियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी कि कहीं से सैलानी की आड़ में कोई अपराधी न आ सके। इसके लिए सैलानियों की आईडी भी चेक की जाएगी, ताकि उनकी पहचान आसानी से की जा सके।