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काश! राजनीति में न आता बेटा तो परिवार को यह दिन न देखना पड़ता

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श्याम सुंदर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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तिकुनिया हिंसा में मारे गए भाजपा के मंडल अध्यक्ष श्याम सुंदर

निघासन। तिकुनिया हिंसा में मारे गए भाजपा मंडल अध्यक्ष सिंगाही कस्बे के निकट सिंगहा गांव निवासी 28 वर्षीय श्याम सुंदर के मां-बाप का रो रोकर बुरा हाल है। पत्नी गुमसुम सी हो गई है। रविवार सुबह बनवीरपुर गांव जाते समय वह बहुत खुश था। तब कहां पता था कि वह इस हालत में लौटेगा।
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पिता बालक राम और मां फूलमती का कहना है कि श्याम सुंदर को राजनीति में दिलचस्पी थी, लेकिन हम लोग हमेशा उसे राजनीति छोड़कर अपने काम धंधे पर ध्यान देने की बात कहते थे। क्या बता था कि आज हमें यह दिन देखना पड़ेगा।
परिवार ने बताया कि जिस समय आंदोलनकारी किसानों पर गाड़ियां चढ़ाई गईं, उस समय श्याम सुंदर केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र की गाड़ी में ही था। किसानों पर गाड़ी चढ़ने के बाद गाड़ी में सवार सभी कार्यकर्ता भाग खड़े हुए, जबकि श्याम सुंदर पर उग्र किसानों ने हमला कर दिया। किसानों के हमले में श्याम सुंदर की मौत हो गई। मौत की सूचना पाकर उसके घर में कोहराम मच गया। श्याम सुंदर के शव का पोस्टमार्टम रविवार रात ही हो गया था। सोमवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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श्याम सुंदर के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। परिवार में माता पिता के अलावा पत्नी रूबी, चार साल की बेटी जयंती और एक साल की बेटी अंकिता है। श्याम सुंदर छह साल से भाजपा कार्यकर्ता थे।
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