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रहें सतर्क, अब तक 70 मलेरिया और डेंगू के सात मिले मरीज

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जिला अस्पताल के रास्ते पर भरा गंदा पानी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहर बरपा रहे डेंगू और मलेरिया को देखते हुए जिला प्रशासन बेहद चौकन्ना है। हालांकि, जिले में डेंगू व मलेरिया की रफ्तार बेहद धीमी है। लेकिन, अब तक मलेरिया के 70 और डेंगू के सात मरीज मिल चुके हैं। ऐसे में सतर्क नहीं रहे तो यह आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है।
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बारिश के मौसम में होने वाला जलभराव मच्छर पनपने का कारण बन रहा है। मच्छरों की बढ़ती संख्या मलेरिया, डेंगू सहित अन्य तमाम प्रकार की बिमारियों को जन्म दे रहे है। मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आकर एक जनवरी से 20 सितंबर तक मलेरिया के 70, डेंगू के सात, जापानी इंसेफेलाइटिस के छह और एईएस के 27 पीड़ित मिल चुके हैं। वहीं काला जार से दो पीड़ित पलिया सीएचसी क्षेत्र में मिले चुके हैं। हालांकि मच्छरों ने सबसे ज्यादा तबाही सितंबर माह में मचाई है, क्योंकि एक सितंबर से लेकर अब तक जिले में 44 लोग मलेरिया और तीन लोग डेंगू पीड़ित मिले हैं। डेंगू के दो मरीज शहर में जबकि एक मरीज पॉलिटेक्निक में मिला था। वहीं हाल ही में मलेरिया का एक मरीज धौरहरा सीएचसी के गांव सरसवा में मिला है।
मलेरिया-70
एईएस-27
जेई- छह
डेंगू- सात
लार्वा को खोज रही मलेरिया विभाग की टीमें
मच्छरों पर वार करने के लिए मलेरिया विभाग की टीमों ने उन स्थानों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जहां पर लार्वा मिलने की आशंका है। ऐसे में टीमें स्कूल, सरकारी व निजी कार्यालयों का भ्रमण कर रहीं है। इस दौरान वहां रखे कूलर, गमले या अन्य पात्रों में लार्वा मिलने पर उन्हें नोटिस जारी कर एंटीलार्वा का छिड़काव किया जा रहा है।
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जिले में मच्छरजनित बीमारियों की स्थिति नियंत्रण में है। मच्छरों की रोकथाम के लिए निरंतर अभियान चल रहा है। जहां डेंगू मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं, वहां पर एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस भी दी जा रही है।
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- शैलेंद्र श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी
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