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बंकर से फ्लाइट और फिर भारत पहुंचने में करना पड़ा संघर्ष

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पलिया स्थित अपने घर पर परिजन के साथ छात्र ऋषभ गोयल।
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घर पहुंचे पलिया के ऋषभ गोयल ने बताए यूक्रेन के हालात
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पलियाकलां। रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग में फंसे पलिया तहसील के सभी विद्यार्थी अपने-अपने घर पहुंच गए हैं। पलिया के मोहल्ला किसान द्वितीय निवासी छात्र ऋषभ गोयल भी सुरक्षित बीती देर रात अपने घर पहुंच गए। उन्हें देखकर परिजन की खुशी का ठिकाना न रहा।
पलिया के मोहल्ला किसान द्वितीय निवासी व्यापारी मुकेश गोयल का पुत्र ऋषभ गोयल तीन-चार माह पहले ही यहां से यूक्रेन एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया था। रूस और यूक्रेन के बीच हो रहे युद्ध में वह भी वहां फंस गया था। बीती रात करीब डेढ़ बजे ऋषभ अपने घर पलिया पहुंचा और माता-पिता के साथ सबसे पहले श्री खाटू श्याम मंदिर पहुंचकर मत्था टेका। सुबह से ही उसके घर रिश्तेदारों और अन्य लोगों की आवाजाही शुरू हो गई, जो उसके सकुशल पहुंचने पर बधाई देने के लिए पहुंचे।
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ऋषभ ने बताया कि युद्ध शुरू होने के शुरूआती दिनों में तो ज्यादा दिक्कतें नर्हीं आइं, लेकिन पांचवें दिन से हालात खराब होने लगे तो उनके साथ के सभी छात्रों को बंकर में शिफ्ट कर दिया गया। यहां तीन-चार दिन रहने के बाद हॉस्टल स्टाफ के सहयोग से बार्डरों तक पहुंचने की व्यवस्था हुई। स्लोवाकिया बार्डर तक किसी तरह से दो बसों में करीब 88 छात्रों का दल पहुंच सका। यहां पर भारतीय दूतावास के सहयोग से उन्हें होटल में शिफ्ट किया गया। दो दिन बाद उनको भारत की फ्लाइट में बैठाया गया।
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शनिवार को गाजियाबाद बार्डर से देर रात पलिया पहुंच सके। बताया कि वहां के हालात काफी खराब हैं। भारत सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं कि भारतीय छात्रों को सकुशल भारत लाया जा रहा है। सरकार से गुजारिश है कि अभी भी जो भारतीय वहां फंसे हैं, उनको भी सकुशल भारत लाने की व्यवस्था की जाए।
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