लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज के इलाज में कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है। कर्मचारियों की लापरवाही के चलते एक मरीज की बीएसपी इमरजेंसी के बजाय न्यू सर्जिकल वार्ड में पहुंचा दी गई। बीएसटी न होने पर दो दिन तक मरीज का इलाज नहीं किया गया। मामला सामने आने पर प्रभारी सीएमएस ने स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय का जवाब तलब किया है।
धौरहरा निवासी संतोष तिवारी का पुत्र रोहित मारपीट में घायल हो गया था। परिजन ने रोहित को पांच नवंबर को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। इसके दूसरे दिन यानि छह नवंबर को वार्ड ब्वाय ने रोहित का एक्सरे कराया। एक्सरे के बाद संतोष तिवारी ने मरीज रोहित को ले जाकर दोबारा वार्ड में बेड पर लिटा दिया। मगर, रोहित की बीएसटी न्यू सर्जिकल वार्ड में पहुंच गई। बीएसटी न होने से दो दिन तक रोहित को न तो डॉक्टर ने देखा और न ही स्टाफ ने रोहित बीएसटी तलाश की। उधर, न्यू सर्जिकल वार्ड ने बीएसटी पर मरीज को गायब होना लिखकर स्टोर रूम में जमा कर दी। इसकी शिकायत पर प्रभारी सीएमएस ने स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय का जवाब तलब किया है।
भर्ती मरीज की बीएसटी गायब होने के मामले में स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय की लापरवाही मिली है। इसलिए इन दोनों से जवाब तलब किया गया है।
- डॉ. संतोष मिश्रा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल