लखीमपुर खीरी। दहेज के लिए विवाहिता की मौत के मामले में एडीजे परशुराम ने पति को चौदह और ससुर को चौदह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों आरोपियों पर जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कपिल कटियार ने बताया कि फरधान थाना क्षेत्र के ग्राम मनिकापुर निवासी श्रीराम ने अपनी पुत्री मायादेवी की शादी 28 फरवरी 2017 को फूलबेहड थाना क्षेत्र निवासी भवन प्रताप के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही मायादेवी को अतिरिक्त दहेज में मोटर साइकिल की मांग को लेकर विवाहिता को पति भवन प्रताप और ससुर शंभूदयाल के साथ ससुरालीजन प्रताड़ित करते थे। इसी बीच शादी के दो महीने के भीतर ही 23 अप्रैल 2017 को संदेहजनक स्थितियों में मायादेवी का शव ससुराल के एक कमरे में फंदे पर लटकता हुआ पाया गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पति भवन प्रताप और ससुर शंभूदयाल के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में श्रीराम आजाद सिंह, ओम प्रकाश, मौली देवी, कांस्टेबल अजीत सिंह, डॉ. यामिनी बादल, एनटी लालकृष्ण, और सीओ निर्मल कुमार बिष्ट ने गवाही दर्ज कराते हुए वारदात की जानकारी दी। अदालत ने सुनवाई के बाद एडीजे परशुराम ने हत्यारोपी पति को चौदह वर्ष का करावास और ससुर शंभूदयाल को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। संवाद