गांव घनश्यामपुरवा की घटना, तीन मवेशी जले और चार झुलसे
ग्रामीणों ने दमकल विभाग पर लगाया नशे में धुत होने का आरोप
गांव घनश्यामपुरवा में आग लगने से चार घर जलकर राख हो गए। आग में एक मवेशी जिंदा जल गया और चार मवेशी और एक युवक झुलस गया। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने दमकल विभाग पर नशे में होने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत एसपी से की है।
गांव घनश्यामपुरवा निवासी संतोष वर्मा के परिवारवाले मंगलवार को अधिक ठंड होने के कारण खा पीकर सो गए। रात करीब 11 बजे अचानक उनकी गोशाला का छप्पर जलने लगा। जब तक गांव वाले कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही देर में जितेंद्र, अवधेश और रामभरोसे का घर भी जलने लगा। ग्रामीणों ने किसी तरह से आग पर काबू पा लिया। संतोष के गोेशाला में बंधा एक जोड़ा भैंसा, भैंस, पड्डा- पड्डी आदि झुलस गए। उसमें एक भैंसे की अधिक जलने से मौत हो गई। डनलप, पुआल के अलावा घरेलू समान भी आग की भेंट चढ़ गया। रामभरोसे का 10 हजार रुपया नकद, दो बकरी जलकर मर गई। रामभरोसे ने बताया कि उसकी पुत्री कमला का विवाह मार्च महीने में है। उसके दहेज के लिए रखी गई रजाई, चारपाई आदि सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। ग्रामीणों सुभाष, अवतार, राकेश, धरमू आदि का आरोप है कि जब दमकल विभाग को फोन किया तो फोन नहीं उठा। किसी तरह से एसओ को फोन कर आग लगने की सूचना दी गई। आरोप है कि आग बुझने के कई घंटे बाद दमकल विभाग पहुंचा। उस पर भी कर्मचारी नशे में होने के कारण आग बुझाने में नाकाम रहे। उधर, दमकल इंचार्ज विजय पाल ने बताया कि सो जाने के कारण फोन नहीं उठा था। नशे में होने का आरोप निराधार है।