बिजुआ/महेवागंज। मेहंदी ग्राम पंचायत के मजरा जंगल नंबर नौ में नौ लोगों के घर शारदा नदी में समा गए। वहीं कई एकड़ गन्ने की लहलहाती फसल भी तबाह हो गई। यहां अब तक 40 से अधिक घर नदी में समा चुके हैं।
ब्लॉक बिजुआ तहसील सदर की ग्राम पंचायत मेहंदी के कटान पीड़ित ग्रामीण बंधे पर त्रिपाल डालकर गुजर बसर कर रहे हैं।
रविवार रात और सोमवार को जंगल न. 9 गांव के बदन, किशोरी लाल, लक्ष्मी, बांके लाल, छोटे लाल, शिवकुमार, भागवत, मंगरु आदि ग्रामीणों के घर नदी में समा गए। वहीं मेहंदी गांव निवासी सुड्डू खां की तीन एकड़ गन्ने की फसल भी नदी में समा गई। ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन से अब तक कोई सहायता नहीं मिली है। करीब एक माह से इस गांव के लोग कटान से परेशान हैं।
यहां बता दें कि इस इलाके में कटान से 40 से ज्यादा घर नदी में समा चुके हैं। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से मांग की कि कटान रोकने के इंतजाम करवाए जाएं। यही स्थिति रही तो एक दिन गांव का वजूद ही मिट जाएगा।
तहसीलदार सदर राकेश कुमार पाठक ने बताया कि कटान की जानकारी मिली है। कानूनगो, लेखपाल को मौके पर भेजा गया है।
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पूर्व विधायक ने कटान पीड़ितों का दुखदर्द जाना
बिजुआ। ग्रंट 12 अहिराना, मंझरी गांवों में हो रहे कटान का जायजा लेने पूर्व विधायक श्रीनगर रामसरन पहुंचे। उन्होंने कटान स्थल देखा और पीड़ितों का दुखदर्द सुना। कहा कि स्थिति से प्रदेश सरकार और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे। उन्होंने पीड़ितों को मदद का आश्वासन दिया।
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कई गांवों में शारदा और घाघरा नदियों ने मचाई तबाही
धौरहरा। शारदा और घाघरा नदियां कई गांवों में कटान कर उनका अस्तित्व मिटाने पर तुली हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण खुद ही अपने घरों को तोड़कर अन्य स्थानों पर जाने की तैयारी में हैं।
बाछेपारा गांव में अब तक घाघरा नदी करीब 16 घरों को उजाड़ चुकी है, जबकि आठ अन्य घर उसकी जद में है। दूसरी तरफ शारदा नदी का कहर भी थमने का नाम नही ले रहा है। ईसानगर के जमदरी के अलावा धौरहरा के रैनी गांव को शारदा नदी ने निशाना बनाया है। 70 मीटर बंधे को काटकर नदी गांव की तरफ बढ़ रही है।
जमदरी में शारदी नदी ने काफी कृषि योग्य भूमि का कटान किया है। इसके विपरीत बाढ़ खंड सिर्फ कागजों पर ही बचाव कार्य कर रहा है।
एसडीएम धौरहरा रेनू ने बताया कि कटान पीड़ितों को तिरपाल और पिपिया दी गयी है और कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड को निर्देशित किया गया है। कटान से प्रभावित गांवों पर नजर रखी जा रही है।
इसी क्रम में रमियाबेहड़ के बाछेपारा में घाघरा नदी द्वारा किए जा रहे कटान का जायजा लेने के लिए सोमवार को एसडीएम धौरहरा रेनू तहसीलदार संतोष कुमार शुक्ला के साथ गांव पहुंची। कटान पीड़ितों से मिलकर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याएं सुनी। मौके पर मौजूद राजस्व निरीक्षक सुधीर श्रीवास्तव, लेखपाल मेराज को तत्काल ग्रामीणों को पिपिया व तिरपाल देने के लिए निर्देशित किया। संवाद