जंगल का बड़ा हिस्सा बाढ़ के पानी से हुआ जलप्लावित, पलायन कर रहे वन्यजीव
छोटे नदी नालों में मगरमच्छों के आने से बढ़ा ग्रामीणों पर खतरा, वन विभाग ने किया अलर्ट
लखीमपुर खीरी। जिले में शारदा, घाघरा, सुहेली और मोहाना नदियों में आई बाढ़ से दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन और कोर जोन का बड़ा हिस्सा जलप्लावित है। ऐसे में जंगली जानवर पलायन कर सुरक्षित जगह तलाश रहे हैं। कई जगहों पर तो वन्यजीवों खासकर मगरमच्छों के आबादी के निकट आने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि वन विभाग ग्रामीणों को इन खतरों के प्रति लगातार आगाह कर रहा है।
शारदा, सुहेली और मोहाना आदि नदियों में आने वाली बाढ़ से हर साल दुधवा टाइगर रिजर्व का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है। जंगल में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण शाकाहारी वन्यजीवों के लिए चारे की समस्या पैदा हो जाती है। चारे की तलाश में यह जानवर जंगल से बाहर निकल रहे हैं। बाघ आदि हिंसक जीव भी सुरक्षित जगह की तलाश में जंगल से निकलकर खेतों में आ रहे हैं। इससे मानव वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।
बड़ी नदियों के उफनाने से उनका पानी सहायक नदियों, नालों और तालाबों में आ गया है। इस पानी के साथ मगरमच्छ भी छोटी नदियों और नालों में आ गए हैं। यह मगरमच्छ ग्रामीणों के लिए खतरा बने हुए हैं। बुधवार को मगरमच्छों ने जिले में दो जगहों पर हमलाकर ग्रामीणों को घायल कर दिया। एक घटना मझगईं क्षेत्र में हुई तो दूसरी घटना बिजुआ इलाके में हुई है। इससे ग्रामीण दहशत में आ गए हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की संपूर्णानगर, पलिया, उत्तर निघासन, बेलरायां रेज बाढ़ से प्रभावित हैं। यह क्षेत्र हाथियों से भी प्रभावित रहे हैं। इन रेंजों के अधिकतर हिस्से में पानी भरा हुआ है। घास के मैदान पूरी तरह जलप्लावित है। इससे घास सूख रही है। उत्तर निघासन रेंज के मंझरा पूरब में जौराहा नाले में आई बाढ़ से जंगल में पानी भर गया है। इससे वन्यजीव खेतों की ओर पलायन कर रहे हैं लेकिन खेतों में भी पानी भरा होने से इनके आबादी क्षेत्र में आने का खतरा बढ़ गया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने दो दिन पहले इस क्षेत्र का दौरा कर जंगल में बाढ़ का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वन्यजीव खासकर मगरमच्छ आबादी के निकट आ सकते है। इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
शारदा, घाघरा, सुहेली और मोहाना नदियों में आई बाढ़ से जंगल का बड़ा हिस्सा जलप्लावित हो गया है। व्नयजीव सुुरक्षित आवास और भोजन के लिए जंगल से बाहर निकल सकते हैं। बाढ़ के दौरान मगरमच्छों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन