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UP: 'रेलवे के अफसर मान लेते बात तो न होते ऐसे हालात...', किसानों ने किया प्रदर्शन, उठाई मुआवजे की मांग

Sat, 13 Jul 2024 05:43 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

पलियाकलां में बाढ़ पीड़ित किसानों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि जिस दिन रेल लाइन कट रही थी, उस दिन रेलवे के अफसरों से पत्थर आदि भेजकर कार्य कराने को कहा था लेकिन उन्होंने नहीं सुनी और बाढ़ से रेललाइन कट गई। गांवों में पानी भर गया। 
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बाढ़ से कटी रेल लाइन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित कई गांवों के किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सिनेमा चौराहे पर शनिवार को धरना प्रदर्शन किया। सड़क पर जाम लगाकर हंगामा भी किया। किसानों का आरोप था कि जिस दिन रेल लाइन कट रही थी, उस दिन रेलवे के अधिकारियों से पत्थर आदि भेजकर कार्य कराने को कहा था लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। जिसके कारण रेललाइन कट गई और किसानों के गांव जलमग्न हो गए। किसानों ने बाढ़ से बिगड़ने हालात के लिए खनन को भी कारण बताया है। उन्होंने रेललाइन बनवाने के साथ ही सड़क सुचारू कर यातायात व्यवस्था ठीक करने की मांग की।

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शारदा नदी की बाढ़ से डूबने की कगार पर पहुंचे किसानों और बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा रेलवे व खनन करने वालों के खिलाफ फूटा। प्रशासन पर भी मझगईं क्षेत्र के गांवों में लंच पैकेटों का वितरण न करने का आरोप लगाया। सड़क जाम की सूचना पर तहसीलदार आरती यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने किसानों को समझाया व लिखित शिकायत देने को कहा। जिस पर किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पैड पर एसडीएम को शिकायती पत्र दिया है। 

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रेललाइन कटने से घुसा गांवों में पानी 
जिसमें कहा गया कि रेललाइन कटने से रेलवे फाटक के पूरब की तरफ के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। हजारों एकड़ फसलें भी बाढ़ के पानी से बर्बाद हो गईं। राजमार्ग प्रभावित होने से रोजमर्रा की जरूरी चीजें गैस सिलेंडर, खाद्य सामग्री भी नहीं मिल पा रही है। रेलवे पर आरोप लगाया कि लाइन कटने से पूर्व ही ग्रामीणों ने रेलवे को आगाह कर पत्थर व बोल्डर आदि भेजने को कहा था। अगर रेलवे पत्थर भेज देता तो ग्रामीण कार्यसेवा कर उस हल्की कटी रेललाइन को पाटकर बचा लेते। 

ज्ञापन में पलिया-भीरा के बीच कटी रेल लाइन का बंधा बनाकर ध्वस्त हुई सड़क में पत्थर जाली डलवाकर पटान कराते हुए रोड की मरम्मत कराने, वाहनों का आवागमन शुरू कराने की मांग की गई है। इस दौरान संगठन के तहसील अध्यक्ष तरसेम सिंह, तेजिंदर सिंह तेजी, रामकुमार, अवतार सिंह, अमरजीत सिंह, बलवीर सिंह, कमरदीप कुमार, हरिंदर सिंह, विक्रम सिंह, इकबाल सिंह समेत भारी संख्या में किसान व बाढ़ पीड़ित मौजूद रहे।
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