सिलिंडर निकालने में कांस्टेबिल झुलसा
मैलानी। नगर से सटे गांव नारंग में शुक्रवार दोपहर पांच घर आग की चपेट में आ गए, जिससे तीन घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग से घरों में रखी हजारों रुपये की नकदी, जेवर समेत सारा घरेलू सामान जलकर खाक हो गया।
ग्राम पंचायत सलावतनगर के गांव नारंग में शुक्रवार की दोपहर लगभग तीन बजे खुड्डी इलाके में स्थित उमेश के घर में आग लग गई। उस समय तेज हवा चल रही थी। देखते ही देखते उमेश के पुत्र फूलचंद्र, भाई रामसील, पड़ोसी रामजतन और सामने रहने वाली सीमा के छप्परनुमा घर आग की चपेट में आ गए। आसपास के तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ट्यूबवेल चलाकर उससे आग बुझाने की कोशिश करने लगे। थोड़ी देर बाद नगर पंचायत कर्मी टैंक और प्रेशर मशीन लेकर मौके पर पहुंचे, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। तब तक रामजतन को छोड़ अन्य सभी के घर जलकर खाक हो गए। किसी की एक पड़िया भी आग में झुलस गई।
अग्निपीड़ितों के मुताबिक, आग में उमेश के घर मेें रखे बीस हजार नगद, जेवरात, रामसील के बारह हजार नगद, जेवरात सहित फूलचंद्र, सीमा के घर में रखे जेवर, नगदी और घरेलू सामान जलकर खाक हो गया। रामजतन को छोड़ अन्य किसी के घर में कुछ भी नहीं बचा।
सिलिंडर निकालने में झुलसा सिपाही का हाथ
मैैलानी। आग लगने की सूचना पर सबसे पहले कांस्टेबिल जितेंद्र चौरसिया मौके पर पहुंचा। उस समय उमेश के जलते हुए घर के पक्के कमरे में भरा हुआ गैस सिलिंडर रखा था। आग से सिलिंडर फटने की आशंका से होने वाली बड़ी घटना को टालने के लिए जितेंद्र चौरसिया ने जान हथेली पर रख आनन-फानन पास में पड़े एक स्वेटर की मदद से सिलेंडर को बमुश्किल आग से बाहर निकालकर खेत में फेंक दिया। अनहोनी तो बच गई, लेकिन सिपाही का हाथ झुलस गया और थोड़ी देर बाद हाथ में छाले पड़ गए। संवाद
हादसे के बाद रोती बिलखती एक महिला।