फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसपी के आदेश पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में दर्ज की एफआईआर

विज्ञापन
प्रतीकात्मक
विज्ञापन
सीओ की जांच में शिकायत सही मिलने पर हुई कार्रवाई
विज्ञापन

डीसीबी तिकुनियां में भूमिहीनों के खाते खोलकर गेहूं बिक्री का पैसा निकालने का मामला
निघासन। जिला सहकारी बैंक की तिकुनिया शाखा में भूमिहीनों का खाता खोलकर गेहूं बिक्री का एक करोड़ से अधिक रुपया निकालने के मामले में संगीन धाराओं में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ निघासन की जांच में शिकायत सही मिलने पर एसपी के आदेश पर संगीन धाराओं में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सीओ एसके जायसवाल ने बताया कि गौरिया निवासी साबिरा, वकीला, साबिरा पत्नी युनूस समेत 70 लोगों ने शिकायती पत्र दिया था कि उनके फोटो और नाम से जिला सहकारी बैंक तिकुनिया में खाता खोलकर रुपया निकाल लिया गया। खाते में अधिक रुपया आने के कारण पूर्ति विभाग ने उनके राशन कार्ड निरस्त कर दिए थे। पीड़ितों ने यह भी बताया था कि उनके नाम एक बिसवा भूमि भी नहीं है।
विज्ञापन

एसपी ने मामले की जांच सीओ को सौंपी थी। सीओ ने मामले की जांच की। जांच में सबसे बड़ी कमी बैंक कर्मचारी शोभित वर्मा और मैनेजर समेत अन्य लोगों की पाई गई। सीओ ने जांच रिपोर्ट एसपी को भेजी। एसपी के आदेश पर पुलिस ने कई संगीन धाराओं में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। जांच अपराध निरीक्षक संजय यादव को सौंपी गई है।
गौरिया कोटेदार की भूमिका संदिग्ध, जांच शुरू
निघासन। गौरिया कोटेदार और बैंक में कैशियर की भूमिका संदिग्ध है। दोनों की जांच शुरू हो गई है। उधर, जांच के लिए लगाई गई टीमों पर धीमी गति से जांच करने का आरोप पीड़ितों ने लगाया है।
प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाए जाने पर मैनेजर गिरजादयाल राना, कैशियर शोभित वर्मा और सतीश सिंह को दोषी मानते हुए वहां से हटा दिया गया था। एसडीएम श्रद्धा सिंह ने बताया कि मामले में गौरिया कोटेदार की भूमिका संदिग्ध है। प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया है कि कोटेदार ने आधार कार्ड और फोटो जमा करवाए थे। उसके बाद उन्होंने बैंक में तैनात कैशियर शोभित वर्मा के माध्यम से खाता खोला था। अहम बात यह है कि जब कोई पीड़ित वहां पर नहीं पहुंचा तो बैंक में खाता कैसे खुल गया और यह पैसा किस विभाग से भेजा गया था। किस केंद्र प्रभारी की देखरेख में गेहूं की खरीद हुई। इन सब बातों की जांच होनी शेष है। उधर, कोटेदार और कैशियर ने आरोपों को निराधार बताया है।
सहकारिता मंत्री से नहीं मिल पाए लाभार्थी
ब्लॉक में कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल हुए सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा से मिलने के लिए लाभार्थी गए थे, लेकिन वहां लाभार्थियों को देखकर बैंक के एक कर्मचारी ने उनको मिलने नहीं दिया। लाभार्थी मायूस होकर बैरंग लौट आए।
विज्ञापन

गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के दायरे में जो आएगा उसे बक्शा नहीं जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच होगी। किस विभाग से पैसा लाभार्थी के खाते में आए, किसने निकाले इन सब मामलों की जांच अपराध निरीक्षक करेंगे।
- एसके जायसवाल, सीओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें