फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों ने लगाया मिल प्रबंधन पर दबाव बनाने का आरोप

विज्ञापन
अनशन पर बैठे किसान।
विज्ञापन
मिल प्रबंधन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
विज्ञापन

प्रबंधन ने कहा, अगर कोई पर्यवेक्षक दबाव बनाने के लिए गांव में पहुंचा है तो सामने लाएं
पलियाकलां। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का धरना और क्रमिक अनशन लगातार जारी है। वहीं किसानों का आरोप है कि मिल प्रबंधन पुलिस-प्रशासन से मिलकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। बृहस्पतिवार को किसानों ने इसी के विरोध में मिल प्रबंधन का घेराव भी किया।
बृहस्पतिवार को सुबह धरने पर बैठे किसानों ने मिल के सीनियर मैनेजर अशोक चौधरी व एजीएम केन केपी सिंह को धरनास्थल पर बुलाकर उनका घेराव किया। किसानों ने आरोप लगाया कि मिल के गन्ना पर्यवेक्षक गांवों में जाकर किसानों से गन्ना लाने को कहते हैं, साथ ही पुलिस के दम पर मिल चलवाने की बात करते हैं। किसानों ने इसका विरोध किया। इस पर मिल अधिकारियों ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। अधिकारियों ने साफ कहा कि मिल प्रबंधन की तरफ से कोई पर्यवेक्षक मिल चलाने के लिए किसानों पर दबाव नहीं बना रहा है। अगर किसी किसान के पास कोई भी पर्यवेक्षक पहुंचा है तो उसे सामने लाया जाए। इस बात पर किसान मान गए तब जाकर मामला शांत हो सका।
विज्ञापन

12 दिन से जारी है लगातार धरना
12 दिन से लगातार हो रहे धरना प्रदर्शन में किसानों ने बकाया भुगतान की मांग उठाई। क्रमिक अनशन में बृहस्पतिवार को सुकवीर सिंह, गुरनाम सिंह, कुलदीप सिंह, कुलविंदर सिंह, मायाराम कश्यप, महाराज आदि को फूल मालाओं से लादकर किसानों ने उनको मंच पर बैठाया। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि किसान बकाया गन्ना भुगतान लेने के लिए धरने पर बैठा है। अगर किसान पर मिल अधिकारी व दलालों द्वारा दबाव बनाया जाएगा तो फिर उसका अंजाम बुरा होगा। कहा कि जिस तरीके से किसानों को तोड़ने का काम खंभारखेड़ा में किया गया है वह यहां नहीं चलेगा। यहां का किसान संपूर्ण बकाया भुगतान लेकर ही यहां से उठेगा।
बिपिन रावत के लिए रखा दो मिनट का मौन
किसानों ने धरने के बीच ही हेलिकॉप्टर क्रैश की घटना में मृतक सीडीएस बिपिन रावत व अन्य लोगों के लिए धरनास्थल पर ही दो मिनट का मौन रखा और मृतात्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
किसानों का भुगतान नहीं, करोड़ों रुपये से बनाया नया बॉयलर
गोला गोकर्णनाथ। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा ने कहा कि स्थानीय बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड चीनी मिल पर गन्ना किसानों का बीते पेराई सत्र का 273 करोड़ रुपये बकाया है।
विज्ञापन

किसानों का भुगतान न कर चीनी मिल ने ईटीपी प्लांट के निकट करोड़ों रुपये की लागत से नया बॉयलर बनाया है। अब गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने की योजना पर काम चल रहा है। बजाज ग्रुप की इस नगर में वर्ष 1932 में जमुनालाल बजाज द्वारा स्थापित की गई पहली चीनी मिल की प्रतिदिन गन्ना पेराई क्षमता 130000 प्रति क्विंटल है। चीनी मिल और डिस्टलरी चलाने के लिए पहले से चीनी मिल कैंपस में पर्याप्त बॉयलर बने हुए हैं। अब चीनी मिल गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने की तैयारी कर रही है, इसलिए ईटीपी प्लांट के पास लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से नया बॉयलर बनाया गया है। बॉयलर से कई पाइप लाइनें कुकरा रोड के ऊपर से चीनी मिल तक ले जाई गई है। इस समय पाइप लाइनों पर स्टील की प्लेट मढाई का कार्य चल रहा है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें