जंगली हाथियों को गांव में घुसने के लिए खोदी गई खाई, जिसे हाथियों ने अब पाट दिया है।
वन्यजीवों से फसलों और इंसानी जान बचाने के लिए वन विभाग ने मैलानी रेंज के जंगल सीमा पर खोदवाी थी खाई
बांकेगंज। पिछले साल वन विभाग ने वन्यजीवों से किसानों की फसल और इंसानी जान बचाने के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के जंगल से सटे प्रभावित क्षेत्रों में करीब 33 किलोमीटर लंबी खाई खोदवा दी थी। इससे जंगली जानवरों का जंगल से निकलना तो कम हुआ था, लेकिन इस बार नेपाल से आए जंगली हाथियों के दल ने जगह-जगह अपनी सूड़ और पैरों से मिट्टी गिराकर इस खाई को पाट दिया है। अब हाथी जंगल से निकलकर खेतों में जाने के लिए इन्हीं रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बीती रात जटपुरा जंगल से निकलकर हाथी खरेहटा बीट जंगल के आसपास बसे गांवों में जाकर खेतों में पककर तैयार खड़ी धान, गन्ने की फसल को रौंद डाला। हाथियों द्वारा पाटी गई खाई की पुष्टि रेंजर केपी सिंह ने भी की है। उन्होंने बताया कि वन कर्मियों की तीन टीमें गठित कर बारी-बारी से हाथियों की निगरानी कराई जा रही है। निगरानी टीमों के मुताबिक शुक्रवार हाथियों की लोकेशन जटपुरा बीट में मिली है। संवाद