शहर की सड़कों पर बेतरतीब दौड़ रहे ई रिक्शा। संवाद
लखीमपुर खीरी। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और ई-रिक्शा संचालकों की मनमानी आम जनता पर भारी पड़ रही है। शहर में ई-रिक्शा को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका ने रूट प्लान तो बनाया, लेकिन लागू नहीं हो सका। खास बात यह है कि पंजीकरण का आंकड़ा भी नहीं बढ़ पा रहा है। नगर पालिका की अनदेखी से शहर में ई-रिक्शों की संख्या बढ़ती जा रही है।
जनपद में 10 हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर फर्राटा भरते हैं, लेकिन परिवहन निगम में मात्र साढ़े पांच हजार ही ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जबकि अकेले शहर में चार हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों और गलियों में दौड़ते हैं। शहर से लेकर गांवों व कस्बों में दौड़ने वाले काफी ई-रिक्शा बिना पंजीकृत हैं।
ई-रिक्शा संचालक जहां चाहता है वहां सवारियों को लेकर दौड़ने लगता है, जो जाम की वजह बनते हैं। यह समस्या आज से नहीं, बल्कि लंबे समय से है। इससे कई बार जाम लगता है। ई-रिक्शों के चलते शहर में बढ़ती समस्या को जिला प्रशासन ने गंभीरता से उठाया और नगर पालिका को रूट तय करने व पंजीकृत ई-रिक्शा संचालन करने का आदेश दिया।
इस पर नगर पालिका ने कलर के हिसाब से रूट तय किए और पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन दो माह बाद भी रूट प्लान लागू नहीं हो सका। आज भी चालक जहां चाहते हैं वहां ई-रिक्शा दौड़ा देते हैं, जबकि रूट प्लान के अनुसार ई-रिक्शा निर्धारित अपने रूट पर ही चल सकेंगे।
ई-रिक्शों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी चल रही है। अभियान में जो भी ई-रिक्शा पंजीकृत नहीं पाया गया, उसको सीज कर दिया जाएगा। रूट प्लान भी जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। -संजय सिंह, ईओ नगर पालिका
शहर की सड़कों पर बेतरतीब दौड़ रहे ई रिक्शा। संवाद