फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्मी के कारण पहले दिन स्कूलों में बेहद कम रही बच्चों की उपस्थिति

विज्ञापन
स्कूत जाते बच्चे।
विज्ञापन
डीएम द्वारा गोद लिए सदर संविलियन विद्यालय में 164 के सापेक्ष पांच बच्चे ही पढ़ने पहुंचे
विज्ञापन

लखीमपुर खीरी। इस बार बेसिक शिक्षा विभाग ने नया प्रयोग करते हुए 16 जून से शिक्षण सत्र प्रारंभ किया है। इस वक्त भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं तो वहीं परिषदीय विद्यालय में बच्चों को बुलाना कड़ी चुनौती है। यही कारण रहा कि पहले दिन गिनती के बच्चे ही विद्यालयों में पहुंचे। डीएम द्वारा गोद लिए गए सदर संविलियन विद्यालय में 164 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष मात्र पांच बच्चे ही पढ़ने पहुंचे। विशेष शिक्षक एक भी नहीं पहुंचा।
परिषदीय विद्यालयों के खुलने का समय सुबह साढ़े सात बजे से अपरान्ह 12.30 बजे तक निर्धारित किया गया है। परिषदीय विद्यालय महाराजनगर में भी बच्चों की उपस्थिति कम रही। नई बस्ती स्थित विद्यालय में कक्षाएं खाली पड़ी रहीं और एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा। संविलियन विद्यालय सदर में 164 के सापेक्ष पांच बच्चे ही आए, जिसमें कुछ बच्चे रसोइया द्वारा हैंडपंप पर बर्तन धुलने के दौरान हाथ बंटाते नजर आए। यहां अकेली शिक्षामित्र अर्चना वाजपेयी उपस्थित मिलीं, जबकि विशेष शिक्षक एक भी नहीं आया।
विज्ञापन

गांधी बालोद्यान विद्यालय में जरूर 18 बच्चे पढ़ने पहुंचे। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लेकर दिशा-निर्देश दिए।
बीएसए ने किया तीन स्कूलों की निरीक्षण
बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने भी तीन स्कूलों का निरीक्षण किया और शिक्षकों को पुन: शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने की शुभकामनाएं दीं। सभी शिक्षकों से कहा परिश्रमपूर्वक पठन-पाठन आरंभ करें व विभाग की गरिमा में वृद्धि का प्रयास करें। बीएसए ने विद्यालयों में पहले दिन उपस्थिति कम होने पर छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति को लेकर विशेष जोर दिया। बच्चे प्रतिदिन विद्यालय आएं और तय समयावधि में पठन-पाठन के साथ सह क्रियाकलापों को सीखें। कहीं कहीं विद्यालयों में अमृत योग महोत्सव के अंतर्गत योगाभ्यास और योग संबंधी गतिविधियां कराई गईं। बच्चों ने विद्यालयों में खेल खेले और मध्याहन भोजन ग्रहण किया।
डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई धनराशि से खरीदें यूनीफार्म
बीएसए ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्कूली छात्र/छात्राओं को डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई धनराशि से यूनीफॉर्म, जूता, मोजा खरीदें। इसकी गुणवत्ता एवं धनराशि के पूर्ण उपयोग का सत्यापन कराया जाएगा। यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि प्रत्येक छात्र/छात्राएं स्कूली यूनीफार्म में आएं।
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भी बच्चों की संख्या कम रही
मोहम्मदी। क्षेत्र के संविलियन विद्यालय पलिया में प्राइमरी स्कूल में 10 बच्चे आए। जूनियर स्कूल में यही हाल रहा 10 से 12 बच्चों ने उपस्थित दर्ज कराई। प्राथमिक स्कूल के अध्यापक देवीचरन मिश्रा व जूनियर स्कूल के प्रधानाचार्य इकरार खां ने बताया कि एक जुलाई से पहले 14 जून को स्कूल खुला, जिससे बच्चों की संख्या कम रही है। कुछ बच्चे रिश्तेदारी में गए हुए हैं। बच्चों को दोपहर के भोजन में सब्जी रोटी दी गई। इसके अलावा खजुहा, मगरेना, भगेली, बिचपुरी में भी बच्चों की संख्या कम रही।
बेहजम। प्राथमिक विद्यालय रुकनापुर में विद्यालय समय से खुला और भीषण गर्मी के कारण विद्यालय आने का पहला दिन होने से बच्चों की उपस्थिति 10 प्रतिशत से भी कम रही। क्योंकि काफी बच्चे गर्मी की छुट्टियों में नाना-नानी के यहां रिश्तेदारी में थे। शिक्षक विनीत कुमार दीक्षित ने बताया कि पहले दिन विद्यालय खुलने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम रही। अगले दिन से सभी बच्चे आएंगे। वहीं उच्च माध्यमिक विद्यालय भी समय से खुला, लेकिन बच्चों की उपस्थिति यहां भी कम ही रही।
गोला के सात में से एक स्कूल में पहुंचे बच्चे
गोला गोकर्णनाथ। पहले दिन गिनती के स्कूलों में गिनती के बच्चे भी पहुंचे। इन दिनों जून में प्रचंड गर्मी हो रही है और तापमान 44 डिग्री के इर्द-गिर्द है। इस बार सरकारी फरमान के तहत आधी जून से ही प्राइमरी और जूनियर विद्यालय खोल दिए गए हैं। पहले दिन नगर के सात प्राथमिक विद्यालयों में से महज एक विद्यालय में बच्चे पढ़ते मिले, जो छुट्टी के बाद चिलचिलाती धूप में पसीना बहाते हुए घर जाते दिखे। नगर में प्राथमिक विद्यालय रामविलास, जवाहर प्रथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय नगर, आदर्श प्राथमिक विद्यालय, कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय, त्रिलोक गिरी एवं लोने सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय सहित सात परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से त्रिलोक गिरी उच्च प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 275 में से 55 बच्चे पहले दिन उपस्थित रहे। वहीं अन्य किसी विद्यालय में बच्चे गर्मी के कारण नहीं पहुंचे। इन विद्यालयों में बिजली कनेक्शन तो है, कमरों में पंखे भी लगे हैं, लेकिन इन दिनों बिजली की अघोषित अधाधुंध कटौती के कारण बिजली न होने पर कमरों में पढ़ रहे विद्यार्थी पसीने से लथपथ हो गए।
विज्ञापन

ममरी। ब्लॉक कुंभी क्षेत्र के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय ममरी, गोबिंदापुर, परसेला महेशपुर, धिरावा, बेहडा. मुल्तान, हैदराबाद, अजान, झारा, परेली आदि स्थानों के परिषदीय स्कूलों में पहले दिन बच्चों की संख्या नगण्य रही। शिक्षक घर घर जाकर बच्चों को स्कूल बुलाते देखे गए, लेकिन ज्यादातर बच्चे घरों पर मौजूद नहीं मिले। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें 16 जून से स्कूल खुलने की कोई सूचना नहीं दी गई है।

गर्मी के कारण स्कूलों में काफी कम रही उपस्थिति।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें