गांव में हैं 25 घर, आने-जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं लोग
तिकुनिया। नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ने से नयापिंड गांव टापू बन गया है, जिससे गांव के लोगों को नाव से आना जाना पड़ रहा है।
नेपाल सीमा पर बहने वाली मोहाना नदी का जलस्तर मंगलवार की रात से बढ़ रहा है। इसके बाद नदी के बिल्कुल किनारे बसे गांव नयापिंड में लोगों के घरों के चारों ओर पानी भर गया है। नयापिंड गांव में करीब 25 घर हैं। गांव खैरटिया बांध रोड के किनारे स्थित है।
गांव निवासी बूटा सिंह, चरणजीत सिंह, मंगल सिंह, गुरुदेव सिंह ने बताया कि बुधवार को पानी बढ़ना रुक गया है जिससे अभी गनीमत है। यदि पानी बढ़ा तो ग्रामीणों को बाहर निकालने की जरूरत पड़ेगी। प्रधान प्रगट सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से दो नावें उपलब्ध हैं। नदी का पानी बढ़ा तो ग्रामीणों को प्रशासन की मदद से बांध रोड पर निकाल लिया जाएगा। फिलहाल अभी कोई खतरा नहीं है।
निघासन तहसीलदार धर्मेद्र पांडेय ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली थी। नदी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मौके पर लेखपाल संजय वर्मा को तैनात कर दिया गया है। नाव की व्यवस्था करा दी गई है। जरूरत पड़ने पर बड़ी नाव भेजी जाएगी।
एक घर और नदी में समाया, पांच और कटने के कगार पर
महेवागंज-सुंदरवल। शारदा नदी ग्रंट-12 अहिराना गांव का वजूद मिटाने पर तुली है। नदी जबरदस्त कटान देख लोग खुद ही अपना आशियाना तोड़ पलायन कर रहे हैं। बुधवार को एक और घर नदी में समा गया। दो दिन में तीन घर नदी में समा चुके हैं, जबकि कई घर कटने की जद में हैं।
तहसील निघासन के गांव ग्रंट-12 और सदर के अहिराना गांव की मिलीजुली आबादी है। गांव के पास शारदा नदी है, जो भू भाग का कटान कर गांव तक पहुंच गई। बुधवार को एक घर नदी में समा गया। अवधेश, मोदी, मंगल, राम, आशीष और मोहन के घर नदी के कटान पर हैं।
ग्रामीण अपना सामान ट्रॉलियों में भरकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है शासन प्रशासन इस तरफ ध्यान नही दे रहा। गांव में डीएम से लेकर श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी, निघासन विधायक शशांक वर्मा भी अहिराना पहुंच चुके हैं। मगर कटान रोकने के अब तक कोई इंतजाम नहीं हुआ। संवाद