साल और सागौन के पेड़ों से भरा दुधवा का जंगल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन के खाते में जमा की जाएगी यह धनराशि
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धनराशि का प्रयोग जंगल के आसपास बसे ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधारने में होगा
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डीटीआर की गवर्निंग कमेटी की लखनऊ में हुई बैठक में लिया गया यह फैसला
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) कार्बन क्रेडिट से हर साल 15 करोड़ रुपये कमाएगा। इससे प्राप्त धनराशि जंगल के आसपास बसे लोगों की जंगल पर निर्भरता कम करने और उनके जीवन स्तर को सुधारने में खर्च की जाएगी। दुधवा टाइगर फाउंडेशन की गवर्निंग कमेटी की लखनऊ में हुई बैठक में इसका फैसला लिया गया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में साल और सागौन का घना जंगल होने के कारण पर्याप्त और गुणवत्ता युक्त कार्बन का स्टॉक है। अब दुधवा इसकी क्रेडिट मार्केटिंग करेगा। इस क्रेडिट मार्केटिंग में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी और एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट सहयोग करेगा। कार्बन क्रेडिट से होने वाली आय दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन में जमा होगी। इस धनराशि का उपयोग जंगल से सटे इलाके में बसे गांव के लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनाने में किया जाएगा, ताकि उनकी जंगल पर निर्भरता कम हो। जंगल पर ग्रामीणों की निर्भरता कम होने से वन और वन्यजीवों की सुरक्षा और अच्छे ढंग से हो सकेगी। दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन की लखनऊ में हुई बैठक में कार्बन क्रेडिट की मार्केटिंग पर विस्तार सेेे चर्चा हुई।
कार्बन क्रेडिट है एक व्यापारिक प्रमाण पत्र
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि कार्बन क्रेडिट एक व्यापारिक प्रमाण पत्र है, जो किसी धारक को एक निश्चित समय में कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य ग्रीन हाउस गैसों को उत्सर्जित करने का अधिकार देता है। बताया कि अब तक औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण से होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में दुधवा टाइगर रिजर्व इन औद्योगिक इकाइयों से प्रदूषण के हिसाब से धनराशि वसूलेगा और उन्हें इसका प्रमाण पत्र सौंपेगा। कार्बन क्रेडिट खरीदकर औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण की भरपाई से मुक्त हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि 2200 वर्ग किलोमीटर में फैला दुधवा टाइगर रिजर्व का हरा भरा जंगल वायुमंडल में काफी मात्रा में ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है।
दुधवा टाइगर रिजर्व अपने कार्बन स्टॉक की कार्बन क्रेडिट की बाजार में मार्केटिंग करेगा। इससे हर साल 15 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। यह आय दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन के खाते में जमा होगी। इस धनराशि का उपयोग जंगल के आसपास बसे लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनाने में किया जाएगा। - संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व