वन अधिकारी बोले, जरूरत हुई तो आपातकालीन कदम भी उठाए जा सकते हैं
हाथियों की सवारी से जंगल की सैर तब तक नहीं जब तक पूरी तरह टल नहीं जाता कोरोना का खतरा
लखीमपुर खीरी। कोरोना वायरस के नए और खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीटीआर प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि दुधवा के किसी भी अधिकारी, कर्मचारी और आने वाले सैलानियों को मास्क पहनना और कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करना जरूरी होगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए यदि जरूरत पड़ी तो आपातकालीन कदम उठाए जा सकते हैं। इस दौरान दुधवा में समय-समय पर पर्यटक आवासों और जंगल भ्रमण कराने वाले वाहनों को सेनेटाइज भी कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चालू पर्यटन सत्र में भी हाथियों से सैलानियों को जंगल भ्रमण नहीं कराया जा रहा है। सैलानियों को हाथियों पर सवार होकर जंगल भ्रमण की सुविधा तब तक उपलब्ध नहीं हो सकेगी जब तक कोरोना का खतरा पूरी तरह टल नहीं जाता।
कोरोना संक्रमण ने दुधवा टाइगर रिजर्व के पर्यटन को पिछले दो साल से ग्रहण लगा रखा है। वर्ष 2019-20 और 2020-21 में पर्यटन सत्रों को निर्धारित समय से पहले ही बंद करना पड़ा था। इससे दुधवा के पर्यटन को झटका लगा है। इस पर्यटन सत्र का शुरुआती दौर भी बाढ़ और बारिश की भेंट चढ़ गया था।
दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र शुरू होने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है। बीमार, बुजुर्ग और दस साल से कम उम्र के बच्चों का दुधवा आना प्रतिबंधित है। दुधवा भ्रमण पर आने वाले सैलानियों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी हों, ऐसा अनिवार्य किया गया है।
कोरोना के खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन के प्रसार को देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जरूरत पड़ी तो आपातकालीन कदम भी उठाए जा सकते हैं।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व