नए सड़क दुर्घटना कानून के विरोध में नए साल के पहले दिन रोडवेज और निजी वाहनों के चालक हड़ताल पर चले गए हैं। इससे गोला और लखीमपुर डिपो की अधिकांश बसें खड़ी हो गई हैं।
लखीमपुर खीरी में नए सड़क दुर्घटना कानून के विरोध में नए साल के पहले दिन रोडवेज और निजी वाहनों के चालक हड़ताल पर चले गए हैं। इससे गोला और लखीमपुर डिपो की अधिकांश बसें खड़ी हो गई हैं। निजी सवारी वाहन भी खड़े कर दिए गए है। वाहन चालकों की हड़ताल से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गोला डिपो के चालकों ने बस अड्डे के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
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सोमवार सुबह अपने गंतव्य को जाने के लिए बस अड्डे पहुंचे यात्रियों को परेशान होना पड़ा। प्राइवेट सवारी वाहन की तलाश में गोला कस्बे के शिवम चौराहे और अन्य स्थानो पर पहुंचे तो यहां भी कोई सवारी वाहन नहीं मिला। शहर के बस अड्डे पर भी यात्री इधर से उधर भटकते दिखे। राजापुर, एलआरपी और छाउछ चौराहे पर यात्री इंतजार करते दिखे।
लखीमपुर डिपो की सभी अनुबंधित 90 बसें खड़ी कर दी गई हैं। हड़ताल करने वाले चालकों का कहना है कि सरकार ने जो कानून बनाया है, उनमें दुर्घटना होने पर 10 साल की सजा और पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। पांच लाख रुपये हम कहां से देंगे?
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जगह जगह खड़े किए गए ट्रक
सवारी वाहनों के अलावा चालकों ने ट्रक और अन्य वाहन भी खड़े कर दिए हैं। चीनी मिलों में गन्ना ढुलाई में लगे ट्रकों का भी चक्का जाम कर दिया गया। कई गन्ना खरीद केंद्रों पर ट्रक नहीं पहुंचे। गन्ना लेकर सेंटर पहुंचे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।