कलह को लेकर तनाव में रहते थे अरुण शुक्ला
डॉ. अरुण शुक्ला ने घर की दूसरी मंजिल के कमरे में जिस पिस्टल से अपने सीने में गोली मार कर आत्महत्या की वह उन्हीं के नाम पर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिछले काफी समय से परेशान रहते थे और बीमार भी रहते थे। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे थे। सभी बच्चे अभी पढ़ई कर रहे हैं। पारिवारिक कलह के चलते तनाव में रहते थे। पड़ोसियों के अनुसार सुबह नौ बजे के करीब गोली चलने की आवाज आई तो दौड़ कर उनके घर की तरफ भागे। घर में चीख पुकार की आवाज आ रही थी।
जिसने भी सुना... दंग रह गया
अरुण शुक्ला श्रीनगर में क्लीनिक चलाते थे। मृदुल स्वभाव और गरीबों के प्रति काफी हमदर्दी के चलते इलाके में उनका काफी सम्मान था। उनके तीन बच्चे हैं। डॉ. अरुण शुक्ला की मौत की खबर जिसने सुनी, वह घर और क्लीनिक की ओर दौड़ पड़ा। लोग यही कहते सुने गए कि आखिर क्या मजबूरी रही होगी कि उन्हें खुद को गोली मारनी पड़ गई।
जरूरतमंद की मदद के लिए हमेशा खड़े रहते थे
डॉ. अरुण शुक्ला काफी मिलनसार और जरूरतमंदों की मदद करने वाले इंसान थे। पिछले एक दशक से वह भाजपा से सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े थे। पिछले विधानसभा चुनाव से श्रीनगर विधान सभा का सह संयोजक के पद दिया गया था। तभी से इस पद पर थे। क्षेत्र में उनकी एक नेक दिल इंसान की छवि बनी हुई थी। लोगों की हर वक्त मदद के लिए तैयार रहते थे।
...कैसे कटेगा जीवन
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतक की पत्नी और बच्चे सहित अन्य परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दहाड़े मारकर रो रही मृतक की पत्नी कह रही थी कि अब जीवन कैसे कटेगा। बेटी शव से लिपटकर वापस आने की पुकार लगा रही थी, जबकि पिता और भाई के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या की गई है। कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, वहीं घरेलू कलह की बात सामने आई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। - आलोक धीमान, प्रभारी निरीक्षक फूलबेहड़