गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी विकास संघर्ष समिति ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को ज्ञापन देकर छोटी काशी को गोकर्ण कॉरिडोर और पर्यटन नगरी बनाने की मांग की। ज्ञापन के साथ पंचतीर्थ, प्रमुख धर्म स्थल और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का मानचित्र भी दिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वराह पुराण वर्णित सरस्वती नदी के तट पर बसे इस नगर मे मृगरूप धारी शिव का श्रंग भगवान विष्णु ने स्थापित किया था। इसके अलावा लक्ष्मणजी द्वारा स्थापित सूर्य देव मंदिर और सीता तीर्थ मां मंगला मंदिर का वर्णन भी मत्स्य, पद्म और स्कंद पुराण में है।
भूतनाथ मंदिर कुआं, लोकनाथ शिवालय, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर सहित काफी संख्या में मंदिर भी यहां हैं। इसीलिए गोला गोकर्णनाथ को मंदिरों की नगरी कहा जाता है।
ज्ञापन में संस्था अध्यक्ष लोकेश कुमार गुप्ता और महामंत्री महेश कुमार पटवारी ने लिखा है कि पुराणों में वर्णित इस उत्तर गोकर्ण क्षेत्र के धार्मिक महत्व को दृष्टिगत रखकर काशी और विंध्याचल की तर्ज पर गोकर्ण कॉरिडोर बना कर पवित्र पर्यटन नगरी घोषित कर सौंदर्यीकरण करवाया जाए ताकि पुराणों में वर्णित इस धार्मिक क्षेत्र के महत्व और वैभव में वृद्धि हो सके।
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पंच तीर्थ और पंच शिवलिंग का किया जिक्र
ज्ञापन में पद्म पुराण में वर्णित सदानंद ब्राह्मण द्वारा भगवान शिव के निर्देश पर स्थापित गोकर्ण तीर्थ, त्रिलोकी नाथ मठ के समीप भद्र तीर्थ, भवानीगंज ग्राम स्थित कोणार्क तीर्थ ग्राम पुनर्भूग्रंट स्थित पोनाग्र तीर्थ, ग्राम अहमदनगर में मांड तीर्थ के सौंदर्यीकरण की मांग भी की गई है। बताया कि इन तीर्थों में स्नान कर श्रद्धालु शिव पूजन करते हैं। इस कारण पंचकोसी परिक्रमा होती है। इसके अलावा सीता तीर्थ सहित पंच तीर्थों का सौंदर्यीकरण कर पंचकोसी परिक्रमा मार्ग निर्मित कराने की मांग की गई है। बताया गया है कि पद्म पुराण में ही गोकर्ण क्षेत्र में पंच लिंगों के उल्लेख करते हुए कहा गया है कि चारों दिशाओं में तीन-तीन योजन पर शिवलिंग हैं। संवाद