चौकीदार को पीटा,गन्ना भरी ट्रॉली लूटी
मुकरेहटा गन्ना क्रयकेंद्र पर बदमाशों का धावा
पुलिस गश्त का भी नहीं दिखा खौफ
थाना मैगलगंज क्षेत्र के तीन गांवों के चार घरों में हुई डकैती की घटना को 48 घंटे भी नहीं बीत पाए थे कि बेखौफ बदमाशों ने सोमवार की रात थाना नीमगांव क्षेत्र के मुकरेहटा गन्ना सेंटर पर धावा बोल दिया। पांच बदमाशों ने सेंटर के चौकीदार बाबूराम की बांधकर पिटाई की और उसे करीब चार किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दिया। इस दौरान बदमाश गांव उमरिया निवासी रामखेलावन की गन्ना भरी ट्रॉली अपने साथ लाए गए ट्रैक्टर में जोड़कर ले गए। घटना के बाद से गश्त को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सीतापुर जिले की हरगांव चीनी मिल का गन्ना क्रय केंद्र (गन्ना सेंटर) थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव मुकरेहटा में स्थित है। पेराई सत्र चालू होने के कारण तीन दिन पहले ही यहां गन्ना सेंटर लगाया गया था। सेंटर पर गांव उमरिया निवासी बाबूराम चौकीदार है। रात होने पर किसान अपने वाहन छोड़कर चले जाते हैं। चौकीदार ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे पांच बदमाश आए और उसे असलहों के बल पर बंधक बनाकर उसकी पिटाई की। दो बदमाश उसे सड़क के पार ले गए। चौकीदार का कहना है कि इसी बीच पुलिस की जीप जब सायरन बजाते हुए निकली तो बदमाश उसे साथ लेकर कोढैया गांव के पास पहुंचे और उसे छोड़कर भाग निकले। जब वह एक घंटे बाद सेंटर पर पहुंचा तो वहां गांव उमरिया निवासी मायाराम वर्मा की गन्ना भरी ट्रॉली गायब थी। चौकीदार ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान को दी। प्रधान की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का मौका मुआयना किया। एसओ आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
गश्त के नाम पर कहीं खानापूर्ति तो नहीं?
सिकन्द्राबाद। शनिवार की रात 12 बदमाशों ने थाना मैगलगंज के गांव बाईकुआं, कोटरी और ढखौरा के चार घरों में डकैती डाली थी। एक ही रात ताबड़तोड़ हुई घटनाओं को एसपी अखिलेश चौरसिया ने गंभीरता से लिया था। सोमवार की रात एसपी ने नीमगांव क्षेत्र में गश्त और पिकेट ड्यूटियां चेक की थीं, जबकि एएसपी ने भी गोला और मोहम्मदी क्षेत्र में निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सभी प्वाइंटों पर एसपी को पुलिस मिली थी, जबकि एसओ भी भ्रमणशील मिले थे। गांव मुकरेहटा नीमगांव-बेहजम मार्ग पर है। सोमवार की रात भी घटना के समय पुलिस हूटर बजाते हुए निकली, लेकिन बदमाशों पर इसका कोई खौफ नहीं रहा। पुलिस गश्त करती चली गई और बदमाश घटना को अंजाम देते रहे। इससे गश्त के दौरान पुलिस की सतर्कता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।