फेक फेसबुक आईडी से करता था ब्लैकमेल
रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित एसडीएम की स्टेनो ने चार लोगों के खिलाफ फर्जी वीडियो बनाने और ब्लैकमेल कर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने स्टेनो की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है। तहरीर में स्टेनो ने बताया कि वीडियो में जो दो हजार रुपए लेते दिखाया जा रहा है। वह उसकी बुआ ने भिजवाए थे।
एसडीएम कार्यालय में तैनात स्टेनो पुष्पा यादव का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उन्हें रिश्वत लेते दिखाया गया। मामले में डीएम ने स्टेनो पुष्पा यादव को निलंबित कर दिया। अपनी सफाई में स्टेनो पुष्पा यादव ने कुछ लोगों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया। कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि मेरी बुआ भैया दूज पर नही आ पाईं। इस पर उन्होंने बच्चों को मिठाई के लिए दो हजार रुपए धीरज दुबे के हाथ से भिजवाए। जब धीरज रुपए देने आया तो फफूंद के एक आवेदक की रिपोर्ट लगवाने की सिफारिश की। आवेदन पर फायर की रिपोर्ट न होने पर उन्होंने मना कर दिया।
इसके बाद इन लोगों ने फोन करके वीडियो का हवाला देकर 70 हजार रुपये की मांग रखी। रुपये न देने पर वीडियो वायरल किया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर धीरज दुबे, राहुल तिवारी, लाविंस चौबे व ऋषि दुबे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल सुधाकर मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच कर ही कार्रवाई की जाएगी।
पूरे मामले में उठ रहे कई सवाल
वीडियो में साफ दिखाई पड़ रहा है कि रुपये रिपोर्ट लगवाने के ही लिए जा रहे हैं। इसमें पांच सौ रुपये बाद में भी देने की बात हो रही है। इसके अलावा वीडियो में पुष्पा यादव अन्य विभागों में रिपोर्ट लगवाने के भी रुपये कह रही हैं। रिश्वत मामले में फंसने के बाद रिपोर्ट लिखवाना कई सवाल छोड़ रहा है।
अहम सवाल यह भी है
पुष्पा यादव खुद को बेकसूर बताकर वीडियो बनाने वालों पर ही आरोप लगा रही हैं। मगर वीडियो उनके बेकसूरी के दावे को खारिज कर रहा है। उधर एक अहम सवाल यह भी है कि यह घटनाक्रम दिवाली के पहले का है और आतिशबाजी के लाईसेंस की रिपोर्ट लगनी थी। उस समय आखिर वीडियो क्यों नही वायरल हुआ। दिवाली के बाद इस वीडियो को वायरल किया गया। आखिर बीच में ऐसा क्या समझौता हो रहा था।