कोराजेन के नाम पर कालिया 185 की कर रहे थी बिक्री
दर्ज नहीं था कंपनी का नाम व पता, ट्रेडमार्क और खतरे का निशान भी नहीं
जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह और ड्यूपांट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी मंगल पांडेय ने शहर में कीटनाशक विक्रेताओं के यहां अचानक छापेमारी की। इस दौरान महंगी कीटनाशक कोराजेन के नाम पर बिक्री की जा रही कालिया 185 नामक नकली दवाएं बरामद की हैं, जिन पर कंपनी का नाम पता अंकित नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने दुकान स्वामियों को चेतावनी देकर छोड़ा है और दवाएं जब्त कर ली हैं।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कोराजेन निर्माता कंपनी को शिकायत मिली थी कि उसके ब्रांड के नाम पर किसानों को गुमराह करते हुए नकली कीटनाशक बिक्री किया जा रहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए टीम ने सबसे पहले गोला रोड पर स्थित हनुमान बीज भंडार पर छापा मारा, जहां पर कालिया 185 की 46 शीशी बरामद हुईं। दुकान स्वामी इसका बिल नहीं दिखा सका और न ही शीशी की पैकिंग पर ट्रेडमार्क, नाम-पता अंकित था। टीम ने दवा को जब्त कर लिया।
इसके बाद इसी रोड पर गुरुदेव बीज भंडार पर छापा मारा, जहां से 15 शीशी दवा जब्त की गई। इसके बाद महेवागंज में दशमेश फर्टिलाइजर पर छापा मारा गया, जहां पर आठ शीशी कालिया 185 की बरामद हुईं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि नकली दवा बेचकर दुकान स्वामी मुनाफाखोरी में लगे थे, जिन्हें पहली बार चेतावनी देकर छोड़ा गया है। दोबारा ऐसी स्थिति पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।