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परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से पुलिस का गहराया शक 

Fri, 19 May 2017 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  सिंकद्राबाद। 
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हत्‍या - फोटो : अमर उजाला
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विवाहिता के घर वालों के न पहुंचने पर हुआ संदेह
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 पुलिस मामले का शनिवार को कर सकती है खुलासा

जिस स्थान पर प्रेमी युगल के शव लटके थे। उसके पास स्थित चकमार्ग पर चार पहिया वाहन के टायरों के निशान मिलना, विवाहिता के ससुराल और मायके वालों का मौके पर न पहुंचना ऐसे कई परिस्थितिजन्य साक्ष्य थे, जो ऑनर किलिंग की ओर इशारा कर रहे थे। यही साक्ष्य हकीकत जानने के लिए पुलिस के लिए अहम बने। 
गांव कोटवा और रोशननगर की दूरी करीब एक किलोमीटर है। गांव कोटवा निवासी संजय और गांव के ही जूली के बीच करीब एक साल से प्रेम संबंध थे। इस बात की जानकारी दोनों के घर वालों को हो गई थी। दोनों की जाति अलग-अलग होने के कारण उनके प्यार में बाधक बनी। इधर दोनों के बीच बढ़ी नजदीकी कम न होने पर शिवप्रसाद जायसवाल ने अपनी बेटी जूली की शादी सात महीने थाना मितौली के गांव मडरिया से कर दी थी, इसके बाद भी दोनों के बीच दूरी कम नहीं हुई। बताते हैं कि शादी के 15 दिन बाद जूली मायके आई थी। तीन दिन रुकने के बाद वह चली गई। बताते हैं कि संजय उससे मिलने गांव मड़रिया भी जाया करता था। इस बात की जानकारी जब जूली के पिता को हुई तो उसने जूली को काफी समझाया-बुझाया, लेकिन वह नहीं मानी। दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होने के साथ मिलना-जुलना जारी रहा। समाज में हो रही बदनामी पर जूली के पिता ने दोनों को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली और घटना को अंजाम दे डाला। शुक्रवार की सुबह शवों के लटके होने पर कोटवा, रोशनगर के अलावा कई गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, लेकिन सूचना के बाद भी विवाहिता के घर का और न ही ससुराल का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा, जबकि छात्र के रोते-विलखते परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। इससे पुलिस का शक गहरा गया। इसके अलावा घटना स्थल पर मौजूद साक्ष्य भी हत्या और ऑनर किलिंग की ओर इशारा कर रहे थे, जो पुलिस के लिए अहम साबित हुए। 
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गुरुवार को प्रेमिका से मिलने गया था संजय 
मृतक संजय और जूली के घर वाले काफी गरीब है। दोनों मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। बताते हैं कि मृतका जूली का पति भी दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। अक्सर संजय जूली की ससुराल जाकर मिलता-जुलता था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात साफ हो गई है कि गुरुवार को भी संजय उसकी ससुराल गया था। जहां उसे जूली के ससुराल वालों ने उसे पकड़ लिया और इसकी जानकारी पुत्रवधू के पिता को दी। इस पर मौके पर पहुंचे पिता शिवप्रसाद आरोपी और जूली को चार पहिया वाहन से दोनों को लेकर आए और मारकर रोशननगर के मिनी सचिवालय के पीछे दोनों शवों को ले जाकर पेड़ से लटका दिया। 
 
लापरवाही: नहीं जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य 
हत्या, लूट, बड़ी चोरी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके। इसके लिए सभी जिलों में फील्ड यूनिट की स्थापना की गई थी। फील्ड यूनिट में शामिल फोरेंसिक एक्सपर्ट मौके से फिंगर, आदि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाते हैं। अपराधियों के पकड़े जाने पर इसका मिलान कराते हैं। मिलान होने पर यह सबूत अपराधियों को सजा दिलाने में इन साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके लिए पुलिस महकमे ने सभी थानों को येलो टेप भी उपलब्ध कराए थे। घटना होने पर संबंधित थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर येलो टेप लगाकर घटना स्थल को सुरक्षित करती है, जिससे वहां लगने वाली भीड़ से सबूत नष्ट न हो सके। थाना नीमगांव पुलिस ने येलो टेप तो लगाया, लेकिन फील्ड यूनिट टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की कोशिश नहीं की गई।   
 
गांव का मंजर एकदम बदला हुआ था
सिकंद्राबाद। रोज की तरह शुक्रवार को भी गांव कोटवा और रोशननगर के लोग सुबह उठकर खेतों की ओर आने-जाने लगे। जब लोगों को प्रेमी युगल के शव लटके होने की जानकारी हुई तो दोनों गांवों में मंजर बदल गया। महिला पुरुष और बच्चे घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते गांव में सन्नाटा पसर गया। गांव कोटवा में दो मौतों से मातमी सन्नाटा छाया हुआ है। गांव में दहशत भी है। इससे गांव की गली-कूचों में सन्नटा पसरा हुआ है। लोग घरों के बाहर नहीं निकल रहे हैं। 
 
कोटवा गांव में तैनात हुआ फोर्स 
गांव कोटवा के प्रेमी युगल की हत्या के बाद से मामला दो बिरादरियों के बीच होने के  कारण गांव में तनाव व्याप्त है। एसपी के आदेश पर पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक एचसीपी, दो सिपाही और एक होमगार्ड को तैनात किया है। 
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ससुर ले गया विवाहिता का शव
पुलिस ने जब दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे तो छात्र संजय के परिवार के लोग तो आए, लेकिन विवाहिता के मायके और ससुराल पक्ष का कोई भी शख्स नहीं पहुंचा। पोस्टमार्टम हाउस पर लड़के के घर वालों ने लड़की का शव ले जाने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने ससुराल से मृतका के ससुर जगदीश प्रसाद को बुलाकर शव उनके सुपुर्द कर दिया। 
 
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