दलित किशोरी ने अगवा कर हफ्ते भर तक रेप करने का लगाया आरोप
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बैधियाकलां के ग्राम प्रधान यशपाल सिंह समेत चार लोगों पर 15 वर्षीय दलित किशोरी को अगवा कर एक सप्ताह तक बंधक बनाए रखने और सामूहिक दुराचार करने की रिपोर्ट एससीएसटी एक्ट के तहत दर्ज कर ली है।
पीड़ित किशोरी के पिता ने बताया कि उसकी पुत्री 26 अप्रैल 2016 की शाम करीब छह बजे शौच के लिए गई थी लेकिन घर वापस नहीं लौटी। रास्ते से उसकी पुत्री को ग्राम बौधियाकलां के ग्राम प्रधान समेत चार लोग चौपहिया वाहन से अगवा कर भीरा थाने के गांव महेशापुर ले गए। वहां पर उसकी पुत्री को एक हफ्ते तक बंधक बनाकर रखा गया और गैंगरेप किया गया। पीड़ित परिवार के लोगों ने ग्राम प्रधान यशपाल सिंह से संपर्क किया लेकिन ग्राम प्रधान ने उनकी एक ना सुनी और अपने घर से भगा दिया। शक होने पर उन्होंने ग्राम प्रधान के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी। पुलिस के दबाव में आकर छह दिन बाद अपहरणकर्ताओं ने उसकी पुत्री को छोड़ा। घर पहुंची पुत्री ने अपने साथ हुई ज्यादती बताई। इस पर तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी ने भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। एसओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बौधिया कलां के ग्राम प्रधान यशपाल सिंह, सुरेश, भगलजू निवासी रमुआपुर, रामगोपाल निवासी महेशापुर थाना भीरा के खिलाफ 342, 376 डी, एससीएसटी एक्ट और पास्को एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।