पहले साथ साथ रहते थे दोनों भाई, बेटों के बड़े होनेे के बाद उपजा विवाद
- मौत से घर में मचा है कोहराम, बेटे और बेटी का बुरा हाल
पढ़ुवा गांव में जागीर की हत्या की असल वजह महज 20 डिसमिल जमीन थी। जिसको उनका उनके भाई से विवाद चल रहा था। बताते हैं अर्से पहले दोनो भाइयों में काफी प्रेम था। दोनों साथ-साथ ही रहते थे, लेकिन जब दोनों के बेटे बड़े हुए तो जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया और ये रंजिश में बदल गया। फिलहाल जागीर की मौत से उनके घर में कोहराम मचा हुआ है और बेटे, बेटी का बुरा हाल है।
गौरतलब है कि पढुआ निवासी 60 वर्षीय जागीर सिंह की बांके से काट कर हत्या दी गई थी। इसमें उनकी पत्नी ने उनके भाई और भतीजे हरप्रीत सिंह, बलविंदर सिंह और मृतक के भाई सुच्चा सिंह के खिलाफ तहरीर दी थी। बताते हैं कि हत्या की असली वजह महज 20 डिसमिल जमीन थी। सुच्चा सिंह जागीर सिंह सगे भाई थे। जिन्होंने एक साथ एक जगह रहते हुए जिंदगी के 65 साल गुजार दिए। जब बेटों का समय आया तो जमीनी बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया क़ि जागीर सिंह का सोमवार को क़त्ल कर दिया गया। इस जमीन को लेकर पहले भी कई बार पंचायत और फैसले हो चुके थे। सोमवार को दिन में हत्यारोपी ने उस जमीन को पुन: जोत लिया तो करीब पांच बजे दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। काफी देर गली गलौज होने के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद जागीर त्रिकोलिया की बाजार चले गए और जब वह अपनी बाइक से वापस आ रहे थे तो रास्ते में सुच्चा के बेटे हरप्रीत सिंह ने बांके से उन पर प्रहार कर दिया। जिससे वह वहीं पर गिर गए । आरोप है कि इसके बाद हरप्रीत ने कई वार कर उनको मौत के घाट उतार दिया। उनकी मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है और बेटे, बेटी, पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने मुख्य आरोपी हरप्रीत को गिरफ्तार कर लिया है।
कच्ची शराब को लोग मान रहे हैं वजह
त्रिकौलिया वालों की मानें तो जागीर की हत्या के पीछे कच्ची शराब भी एक वजह है जो आरोपी ने यहां आकर पी थी और इसके बाद उसने रिश्ते नाते भूल कर अपने चाचा को मार डाला।
कच्ची शराब पर रोक लगाने के लिए ज्ञापन
पलियाकलां। त्रिकोलिया, गदनियां, पढुवा में कच्ची शराब बनाने और बेचने के धंधे पर रोक लगाने के लिए जिला पंचायत सदस्य बख्शीश कौर, पढ़ुवा प्रधान रामसहाय, गदनियां प्रधान रजविंदर कौर, बलवीर सिंह, सुखविंदर सिंह, हरप्रीत सिंह आदि ने एक ज्ञापन तहसील दिवस में डीएम और एसपी को सौंपा।