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ड्राइवर के पुत्र ने बनाई थी छात्र के अपहरण की योजना

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अपहरण्‍ा - फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। गोला के छात्र प्रबल उर्फ लिटिल के अपहरण की योजना छात्र के पिता के वाहन चालक के पुत्र रवि वर्मा ने बनाई थी। पुलिस ने मास्टर माइंड और उसके दो अन्य साथियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों का चालान कर दिया है।
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पुलिस लाइन सभागार में एसपी ने पत्रकारों को बताया कि गोला नगर निवासी कमलेश वर्मा का पुत्र आठ वर्षीय प्रबल उर्फ लिटिल कक्षा चार का छात्र था। 16 जनवरी को स्कूल जाते समय बाइक सवार ने उसे झांसा देकर रिक्शे से उतार लिया और अगवा कर ले गया था। करीब चार घंटे बाद छात्र संसारपुर के पास बरामद हो गया था। घटना के खुलासे के लिए एसओ नीमगांव, गोला, मैलानी और फरधान पुलिस के साथ स्वॉट टीम भी लगाई गई थी। टीमें सीओ मितौली प्रदीप सिंह के नेतृत्व में काम कर रहीं थीं। टीमों का सुपरवीजन एएसपी घनश्याम चौरसिया कर रहे थे।
रविवार की सुबह पुलिस ने अलीगंज रोड नहर पर ग्राम बक्खारी मुठभेड़ के दौरान गोला के मोहल्ला भूतनाथ निवासी मास्टर माइंड रवि वर्मा, थाना मैलानी के गांव बोझिया निवासी संदीप और शाहजहांपुर जिले के थाना खुटार निवासी मंजीत पटेल को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बाइक, तमंचा और तीन कारतूसों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपियों ने जुर्म इकबाल कर लिया। घटना का मास्टर माइंड रवि वर्मा निकला। रवि वर्मा ने पुलिस को बताया कि उसके पिता मुकदमा वादी कमलेश की गाड़ी चलाते थे। इसलिए उसका उनके घर आना-जाना भी था। वह सभी को नामों से भी जानता था। उसने फिरौती वसूल करने के लिए अन्य दो साथियों की मदद से छात्र को अगवा किया था।
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बाइक को तलाशते अपहरणकर्ताओं तक पहुंची पुलिस
पचास लाख की फिरौती लेने की मंशा से किया था अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा की तत्परता से इस अपहरणकांड का खुलासा हो गया। घटना वाले दिन एसपी जैसे ही मितौली के समाधान दिवस के लिए निकले थे, उन्हें तभी इस अपहरण की सूचना मिली थी। जिस पर उन्होंने अपनी गाड़ी तत्काल गोला के लिए मुड़वा दी थी। रास्ते से ही उन्होंने हैदराबाद, मितौली, मैलानी, भीरा और फरधान की पुलिस को न सिर्फ गोला भेज दिया था, बल्कि हर रास्ते पर पुलिस को तैनात कर दिया था। उधर, लिटिल को गन्ने के खेत में बांधकर किसी वाहन की जुगाड़ में निकले अपहरणकर्ताओं ने जब हर तरफ पुलिस की सक्रियता देखी तो वह भाग निकले थे, जिससे बच्चा चार घंटे में ही सकुशल मिल गया था।
बकौल एसपी, सीसीटीवी फुटेज से लाल रंग की बाइक की जानकारी मिलते ही इलाके के जितने पल्सर बाइक स्वामी थे, सभी को तलाशा जाने लगा। थाना मैलानी के बोझिया में सिर्फ एक ही बाइक मिली, जो आरोपी संदीप के नाम थी। फुटेज में भी संदीप ही दिखाई दे रहा था, जिससे उसकी आसानी से पहचान हो गई। पुलिस घर पहुंची तो वह फरार मिला। संदेह होने पर सुरागरसी के बाद न सिर्फ बाइक पकड़ी गई, बल्कि अपहरण खुलासे की एक कड़ी भी मिल गई। फिर एक के बाद एक अपहरणकर्ता पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

अपहत छात्र का
गुरु भी था रवि
अपहरण कांड का मास्टर माइंड रवि वर्मा छात्र प्रबल उर्फ लिटिल का गुरु भी था। वह कराटे के लिए बच्चों की क्लास भी चलाता था। क्लास में प्रबल जाता था।

अपहरण समेत चार मामले दर्ज
पुलिस ने छात्र के अपहरण करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ कुल चार मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला छात्र के पिता कमलेश वर्मा की ओर से अपहरण सहित अन्य धाराओं में दर्ज है। दूसरा मामला पुलिस ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, तीसरा आर्म्स एक्ट और चौथा धारा 41/411 आईपीसी के तहत दर्ज किया है।

एसपी ने टीम को दिया 10 हजार का इनाम
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी में शामिल कोतवाली गोला के एसएसआई यदुवीर सिंह, एसआई चुन्नूलाल, स्वॉट टीम एक एसआई शिव कुमार, एसाई मनाजिर हुसैन, सिपाही रवि तोमर, राकेश यादव, राजू वर्मा, अनुज कुमार, विवेक सिरोही, स्वॉट टीम के सिपाही शराफत अली को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।

सीओ को मिलेगा सम्मान पत्र
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने घटना के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले एसओ नीमगांव संजय कुमार सिंह, एसओ मैलानी महेंद्र सिंह, एसओ फरधान और सीओ मितौली प्रदीप सिंह की प्रशंसा की और बधाई दी। उन्होंने कहा कि सीओ मितौली को प्रशस्त्रि पद देकर सम्मानितकिया जाएगा।
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