पलिया के राजेंद्र प्रसाद स्वाधार गृह में परिजन के साथ महिला।
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पलियाकलां। लखीमपुर से पलिया के डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वाधार गृह में लाई गई एक मानसिक मंदित महिला को करीब एक माह की कड़ी मशक्कत के बाद पता लगाकर परिजन के सुपुर्द किया गया। हालांकि महिला का पुत्र उन्हें ले जाने के लिए मना कर रहा था, लेकिन पुलिस के समझाने पर वह मां को अपने साथ ले गया है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वाधार गृह में लखीमपुर वन स्टॉप सेंटर से महिला अनारकली उर्फ रूपा पत्नी सियाराम को 13 सितंबर को दाखिल किया गया था। इसके बाद स्वाधार गृह की अधीक्षिका दीपा ने महिला की काउंसलिंग की। मानसिक मंदित होने के कारण महिला कई स्थानों का नाम बता रही थी। काफी प्रयासों के बाद उसने शाहजहांपुर के एक गांव का नाम लिया। इसके बाद अधीक्षिका ने ग्राम प्रधान से संपर्क करने के बाद वहां की पुलिस से सहयोग मांगा। जिस पर उक्त महिला के पुत्र रिंकू के रूप में महिला के परिजन की शिनाख्त हुई। खबर भेजी गई, लेकिन महिला का पुत्र महिला को ले जाने के लिए राजी नहीं हुआ। पुलिस के सहयोग से महिला का पुत्र रिंकू व भांजा सोमवार को स्वाधार गृह पर पहुंचा। पहचान संबंधी कागजात देखने के बाद महिला को उसके सुपुर्द किया गया।