लखीमपुर खीरी। स्वास्थ्य विभाग की आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने के नाम पर गांवों में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों अभियुक्तों के पास से फर्जी मुहर, नौ आधार कार्ड, पांच बैंक पासबुक, लैपटॉप, प्रिंटर आदि सामान बरामद हुआ है। पूछताछ में अभियुक्तों ने कुछ और नामों का खुलासा किया है। एसपी पूनम का कहना है कि इलाहाबाद बैंक कस्ता के प्रबंधक और सीएमएस कंपनी के जिला प्रबंधक अनुज वर्मा की भूमिका सवालों के घेरे में है।
एसपी पूनम ने बुधवार को अपने कार्यालय में खुलासा करते हुए बताया कि एक सप्ताह पहले मितौली क्षेत्र के गांव मैनहन और रेवाना में बाइक सवार दो ठगों ने आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर दर्जनों ग्रामीणों के आधार कार्ड और उनके अंगूठा लगाकर बैंक खाते से लाखों रुपये की ठगी की थी। इसके बाद सिकंद्राबाद क्षेत्र में भी आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर ठगी की गई थी। इस मामले में मितौली थाने में रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की गई। सीओ मितौली के निर्देशन में एसओ अनिल कुमार सैनी के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार की रात को मितौली-कस्ता रोड पर बबौना गांव के पास बाइक सवार दो लोगों को रोका गया, लेकिन दोनों बाइक छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने दोनों को दौड़ाकर पकड़ लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान तिकुनिया के गांव तकिया निवासी तोहिद और सालिम के तौर पर हुई है। इन अभियुक्तों ने तिकुनिया में जन सुविधा केंद्र खोल रखा है। इसके अलावा यह गांवों में जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करते थे। एसपी ने बताया कि अभियुक्तों ने पूछताछ में मितौली क्षेत्र के गांव मैनहन और रेवाना में ठगी करने का जुर्म कुबुल किया है। अभी अन्य जगहों पर किए गए ठगी के मामलों की जांच की जा रही है। एसपी ने बताया कि अभियुक्तों के कब्जे से दो बायोमेट्रिक मशीन, 10 कार्डरीडर, दो पासपोर्ट, विभिन्न कंपनियों के 14 सिम, 17 फार्म पैन कार्ड के भरे हुए बरामद हुए हैं। खुलासा करने वाली टीम में एसआई सुरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश, अरविंद कुमार, जयप्रकाश भारती शामिल रहे।