वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरने पालिकाध्यक्ष के छिने वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार हाईकोर्ट के एक आदेश पर बहाल हो गए हैं। इससे उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है और उन्होंने शहर में आतिशबाजी कर मिठाई का वितरण किया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि उन्हें न्याय पालिका से इंसाफ मिला है। कहा कि यह उनकी नहीं जनता की जीत है।
गौरतलब है कि पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता पर ठेकेदार रमेश चंद्र मिश्रा ने अनियमितता और भ्रष्टाचार के तमाम गंभीर आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर 11 सितंबर को उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए थे। डीएम ने एसडीएम आलोक वर्मा को उस समय प्रशासक नियुक्त कर दिया था।
इस मामले में पालिकाध्यक्ष ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की शरण ली थी। पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता के मुताबिक न्यायधीश एपी शाही और एआर मसूदी की दो सदस्यीय बेंच ने सुनवाई की। पालिकाध्यक्ष की ओर से उनके वकील जयदीप नरायन माथुर और अनुराग नरायन श्रीवास्तव ने बहस की। उन्होंने बताया कि बेंच ने इसमें सभी आरोपों को निराधार मानते हुए निरस्त कर उनकी अधिकारों की बहाली कर दी।
उन्होंने कहा कि यह इंसाफ उन्हें न्यायपालिका से मिला है। वह अगर पहले ही न्यायपालिका की शरण ले लेते तो कब के बहाल हो चुके होते। उन्होंने इस जीत को जनता की जीत बताया है। उन्होंने इस लड़ाई में सीतापुर महोली के सपा विधायक अनूप गुप्ता का भी आभार जताया। उनके अधिकारों की बहाली की खबर से शहर में उनके समर्थकों में जश्न मनने लगा और मिठाई भी बांटी।