लखीमपुर खीरी। अपहरण और दुष्कर्म के एक दशक पुराने मामले में एडीजे विकास श्रीवास्तव ने एक ही परिवार के पांच आरोपियों को दोषी पाया है। दुष्कर्म के आरोपी को आठ और अन्य चार लोगों को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमा रमण सैनी ने बताया मोहम्मदी थाना क्षेत्र के ग्राम बस्तौली निवासी श्रीनिवास और उनके सगे ताऊ वंश गोपाल के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। जिसमें जानलेवा हमले का भी एक मुकदमा दोनों परिवारों के बीच चल रहा है। इसी बीच चार सितंबर 2011 को वंश गोपाल के घर आने वाला फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के ग्राम सिसौना निवासी सुनील कुमार एक ग्राम से एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। पड़ताल में पुलिस ने तफ्तीश आगे बढ़ाई तो उसमें गांव के ही कृष्ण कुमार और कपूरे उर्फ श्याम सुंदर और वासुदेव के साथ सुनील का भी नाम सामने आया। काफी मशक्कत के बाद बरामद हुई किशोरी ने बताया कि उसको बहला-फुसलाकर अगवा करने वालों में कृष्ण कुमार और उनके परिवार के लोग शामिल थे। आरोप लगाया कि सुनील ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालती सुनवाई के बाद न्यायाधीश विकास श्रीवास्तव ने दुष्कर्म के आरोपी सुनील कुमार को आठ वर्षों के कठोर कारावास और 15000 का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। इनकी मदद करने वाले श्याम सुंदर, कृष्ण कुमार ,वासुदेव और कुलदीप मिश्र को पांच पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद