भारतीय सीमा क्षेत्र में मोहाना नदी घाट पर नेपाली संक्रमित युवक का शव दफनाने के मामले में शनिवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी पूनम और एसएसबी के अधिकारी नेपाल के कैलाली जिले में पहुंचे और वहां के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मामले में आपत्ति जताई।
नेपाली अफसरों ने इस तरह की घटना दोबारा न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह सीमा क्षेत्र में बोर्ड लगवाकर लोगों को जागरूक भी करेंगे। बता दें कि बुधवार को नेपाल के कैलाली जिले के गोदावरी नगर पालिका के अंतर्गत वार्ड 4 निवासी 46 वर्षीय एक व्यक्ति की धनगढ़ी में कोरोना से मौत हो गई थी।
नेपाली सेना और नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने गुरुवार को उसका शव भारतीय क्षेत्र में मोहाना नदी घाट पर लाकर दफन कर अंतिम संस्कार कर दिया था। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने पर दहशत फैल गई थी, सूचना पर डीडी मनोज सोनकर और एसएसबी कमांडेंट मुन्ना सिंह ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट डीएम को भेजी थी।
शनिवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी पूनम गौरीफंटा बॉर्डर पर पहुंचे और नेपाल के कैलाली जिले में जाकर अधिकारियों के साथ बैठक की। लखीमपुर खीरी के डीएम ने कहा कि जो मामला सामने आया है वह गलत है, इस प्रकार से कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे किसी को दिक्कत हो।
इसके अलावा बॉर्डर पर पिलर संबंधी वार्ता भी हुई। इस मौके पर एसएसबी कमांडेंट मुन्ना सिंह, उप कमांडेंट संजीव कुमार, सहायक कमांडेंट उपेंद्र सिंह, दुधवा डीडी मनोज सोनकर, दुधवा वार्डेन एसके अमरेश, एसडीएम, सीओ के अलावा कैलाली सीडीओ यज्ञराज बोहरा, एसपी अनुपम शमशेर जबरा, कंचनपुर सीडीओ नूर हरि खतिवड़ा, कंचनपुर एसपी मुकंद मणासेनी, नेपाल सशस्त्र पुलिस बल कंचनपुर वीर सिंह शाहू, नेपाल सशस्त्र पुलिस बल कैलाली एसपी कमल प्रसाद तिमिल्सिना, अनुसंधान विभाग एसपी विकास थापा, धनगढ़ी मेयर नृप बड सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि नेपाल के कैलाली जिले में वहां के अफसरों को साथ बैठक हुई। जिसमें भारतीय सीमा क्षेत्र में शव दफनाने के मामले में वहां के अफसरों ने कहा कि अनजाने में ऐसा हुआ होगा, इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी। साथ ही तय हुआ कि एक व्हॉट्सएप ग्रुप बनाकर दोनों ओर के अधिकारी जोड़े जाएं, जिससे कोई मामला होता है तो उसका निस्तारण तत्काल किया जा सके।