रात में भी जुटने लगी थी भीड़
किशोरी का शव शनिवार रात करीब 10.30 बजे घर लाया गया। इसकी सूचना पर बजरंग दल और भीम आर्मी के कार्यकर्ता हजारा थाने की तरफ से जुटने लगी। रात 11.30 बजे थाना गेट पर एसओ से वार्ता कर फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। गिरफ्तारी न होने पर शव का संस्कार न करने की बात कही। इस पर थाना प्रभारी सियाराम वर्मा, गौरीफंटा एसओ अनिल कुमार सैनी ने लोगों को समझाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी को पकड़ा जा चुका है। अन्य की गिरफ्तारी को लेकर टीम गठित की गई है।
रातभर मामला शांत रहा। शनिवार सुबह फिर गुस्साई भीड़ ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि एफआईआर में नामजद फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। आरोपी की दुकान और घर पर बुलडोजर चलाया जाए। दो युवक आरोपी युवक की दुकान में पीछे से तोड़फोड़ करने लगे। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। इस पर कई लोग उन युवकों को छुड़ाने के लिए पुलिस से भिड़ गए। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
पुलिस बल ने थाने में घुसकर पत्थरबाजी से बचाव किया। बाद में पुलिस बल ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। पथराव करने वाले युवकों को पुलिस ने जमकर पीटा। भीड़ ने आरोपी युवक की दुकान का माल निकालकर जला दिया। जबकि दूसरे समुदाय की जितनी दुकानें चौराहे तक थीं, सबमें तोड़फोड़ कर दी। सुबह 11:00 तक एएसपी नैपाल सिंह, एसडीएम कार्तिकेय सिंह, सीओ पलिया आदित्य कुमार, निघासन सीओ राजेश कुमार समेत कई थानों के पुलिस बल भीड़ को समझाने में लगा रहा।