सुबह-शाम की सर्दी और दिन की गर्मी में बरतें एहतियात
गर्भवती महिलाओं और बच्चों का रखें विशेष ध्यान
लखीमपुर खीरी। बदलते मौसम की वजह से सुबह और शाम को पारा खासा लुढ़क रहा है, जबकि दिन में धूप निकलने पर गर्मी हो जाती है। दिन की धूप को लेकर सुबह-शाम बरती लापरवाही बच्चों और बुजुर्गों के साथ गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बन सकती है।
सर्दी-गर्मी की वजह से काफी संख्या में लोग बीमार पड़ने लगे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक को कोल्ड डायरिया, निमोनिया, हाथ-पैर की अंगुलियों में सूजन, डायरिया सहित हाइपोथरमिया आदि बीमारियां होने का खतरा रहता है, जबकि सर्दी, जुकाम, बुखार होना तो स्वाभाविक है। इसलिए सर्दी के मौसम में इन बीमारियों से उचित खान-पान और सावधानी बरतकर बचा जा सकता है। वहीं महिला चिकित्सक कहती हैं कि इस मौसम में गर्भवती महिलाएं अपना विशेष ख्याल रखें। खासतौर पर सर्दी से बचाव करें। पर्याप्त गर्म ऊनी कपड़े पहनें और पौष्टिक खान पान का प्रयोग करें। बीमार होने पर अपने आप दवाएं बिल्कुल न लें।
चिल्ड्रन और मेडिकल महिला वार्ड में बुखार पीड़ित 11 भर्ती
बुखार आने पर बुधवार को नीमगांव निवासी सत्यप्रकाश ने 10 वर्षीय पुत्र शिवा, धौरहरा निवासी अशोक कुमार पांच वर्षीय पुत्री चांदनी, शिवपुरी निवासी प्रदीप तीन वर्षीय पुत्र अंशुल, ईसानगर निवासी मुुुुकीम अली एक वर्षीय पुत्र अयान को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराया है। उधर, सलेमपुर कोन निवासी रामकुमार ने 33 वर्षीय पत्नी सुकंती, ईसानगर निवासी विनीत ने 23 वर्षीय पत्नी पुष्पा, गांधीनगर निवासी रामसेवक ने 14 वर्षीय पुत्री रागिनी, सिसावां निवासी चंद्रप्रकाश ने 15 वर्षीय पुत्री ममता, पलिया निवासी प्रदीप ने 24 वर्षीय पत्नी गीता, मथुरानगर निवासी मोहित ने 24 वर्षीय पत्नी आरती एवं 60 वर्षीय रामदेवी पत्नी शिव नरायन को बुखार आने पर मेडिकल महिला वार्ड में भर्ती किया गया है।
हाइपोथर्मिया- इसमें शरीर का तापमान कम हो जाता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के शरीर से गर्मी जल्दी बाहर निकल जाती है। लापरवाही बरतने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
लक्षण
- शरीर का ठंडा पड़ जाना, बेसुध होना।
- हृदय गति और सांस गति का धीमा पड़ना।
बचाव
- घर से बाहर निकलने पर पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
- एक, दो मोटे कपड़े पहनने के बजाए कई लेयर वाले पतले कपड़े पहनें।
- बीमार, विकलांग एवं बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।
- घर में भी कंबल एवं रजाई का प्रयोग करें।
- गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें।
- खाने में हल्दी, अदरक, तुलसी, काली मिर्च, केसर आदि का प्रयोग करें।
गर्भवती महिलाएं रखें अपना ध्यान
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी बताती हैं कि ठंड में गर्भवती महिलाएं अपना विशेष ध्यान रखें। पानी खूब पीयें। हालांकि ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर में पानी की कमी होने से दिकक्त हो सकती है। इसके साथ मौसमी साग सब्जियों, फल, दूध आदि का खूब सेवन करें। इससे गर्भस्थ शिशु का विकास सही तरीके से हो सकें। ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त ऊनी कपड़े पहनें, जिससे सर्दी जुकाम बुखार न होने पाए। किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना किसी दवा का सेवन हरगिज न करें, क्योंकि अपने आप ली गई दवा से शिशु को नुकसान पहुंच सकता है।
सर्दियों में बच्चे-बुजुर्गों का रखें खास ख्याल
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. एसके सिंह बताते हैं कि सर्दी में जरा सी लापरवाही बीमार कर सकती है। इसलिए ठंड से बचाव करें। खासकर सुबह और शाम। सर्दी जुकाम से बचने के लिए मौसमी फल, सब्जियां, मेवे, दूध आदि का सेवन करें। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और मौसमी बीमारियों से बचे रहेंगे। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के ऊनी कपड़े पहनाएं। सिर और पैर ढके रहें। सर्दी, जुकाम बुखार एवं सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल आकर डॉक्टर को दिखाएं।