लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली के मोहल्ला संकटा देवी निवासी हरिशंकर गुप्ता उर्फ हेमंत ने आईडीएफसी फस्ट बैंक शाखा राजापुर के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 27.48 ग्राम की सोने की चेन गायब करते हुए उसे धोखे से बदल दिया। कोर्ट के आदेश पर सात बैंक कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
हरिशंकर का कहना था कि शादी में धन की जरूरत होने पर 27.48 ग्राम वजन की अपनी सोने की चेन शहर की आईडीएफसी फस्ट बैंक शाखा राजापुर में गिरवी रख दी थी। इसके बदले बैंक ने 1,23,621 रुपये का लोन स्वीकृत करते हुए खाते में ट्रांसफर किए। बैंक ने फाइल चार्ज और सोने की जांच के नाम पर 1478 रुपये भी लिए थे।
बताया जा रहा है कि सोने की जांच राजकुमार रस्तोगी (श्री नारायण ज्वैलर्स लखीमपुर) ने की थी।
जांच के बाद चेन 91.6 कैरट की निकली। आरोप है कि 17 जनवरी, 2025 को दोपहर में अपनी चेन छुड़ाने के लिए वह बैंक गए तो कर्मचारियों ने चेन देने में आनाकानी की।
संदेह होने पर दबाव बनाया और शिकायत की धमकी दी थी। इसके बाद बैंक कर्मचारी ने जो पैकेट दिखाया, वह बदला हुआ था।
इसकी शिकायत हुई तो धोखे से पैकेट बदलने की बात स्वीकारी और दोबारा बैंक आने की बात कही।
इसके बाद कई बार जाने और बैंक के अधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो कोर्ट के आदेश पर फैज अब्बास गोल्ड लोन (आरएम), सचिन सिंह, गरिमा सचदेवा, सौरभ मिश्रा, राज कुमार रस्तोगी, गोविंद गुप्ता और आदित्य त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।