थरवरनगंज में ईद उल अजहा को लेकर सजा बकरों की बाजार। संवाद
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लखीमपुर खीरी। ईद उल अजहा (बकरीद) बुधवार को है। इसको लेकर घरों में तैयारियां तेज हो गईं हैं। मंगलवार को दिन भर हुई बारिश ने बाजार की रंगत फीकी कर दी। सुबह शुरू हुई बारिश शाम तक होती रही। इस कारण न तो विधिवत बकरा मंडी सज सकी और न ही लोग अन्य खरीदारी के लिए बाजार के जा सके। बकरीद को लेकर शहर में सबसे महंगा बकरा 22 हजार का बिका।
शहर के थरवरनगंज की बकरा मंडी में बकरों का बाजार लगता है। मगर, मंगलवार सुबह शुरू हुई बारिश ने बकरीद पर सजने वाले बाजार पर पानी फेर दिया। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से लोग बकरे बेचने के लिए मंडी नहीं पहुंच सके। ऐसे में बारिश के बीच सीमित संख्या में ही लोग बकरा बेचने और खरीदने पहुंचे। मंडी में सबसे महंगे बिके बकरे की कीमत 22 हजार बताई जा रही है। उधर अमीरनगर में भी बाजार में रौनक नहीं दिखाई दी। कोरोना काल के बाद दुकानदारों को त्योहारों से काफी उम्मीद थी, लेकिन ईद उल अजहा से एक दिन पहले मंगलवार पूरे दिन रुक रुक कर बारिश होती रही। जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
सुबह से बारिश शुरू हो गई बाजार में रौनक दिखाई नहीं पड़ी हर रोज की तरह ही ग्राहकों का आना हुआ इसके चलते कोई खास दुकानदारी नहीं हो सकी। - जीशान बेग, फुटवियर विक्रेता
कोरोना संक्रमण के चलते मार्केट में पहले से ही रौनक गायब चल रही थी। बकरीद से एक दिन पहले बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पूरा दिन सन्नाटे में बीत गया। - अफरोज खां, रेडीमेड विक्रेता
गाइड लाइन के मुताबिक मनाएं ईद उल अजहा
ईद उल अजहा की सभी को मुुबारकबाद। सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए नमाज अदा कर कुर्बानी दे। कुर्बानी बंद जगह पर देकर उसके अवशेष एक गड्ढे में दबा दें। त्योहार आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। ऐसा कोई काम न करें, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। - मौलाना इशहाक, पेश इमाम जामा मस्जिद