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तिकुनिया कांड में सात आरोपियों की जमानत खारिज

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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड में जिला जज मुकेश मिश्र ने जिला जेल में बंद सात आरोपियों की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी है, जिसमें आरोपी शिशुपाल की जमानत अर्जी नॉट प्रेस (जोर न देना) के कारण बिना कोई टिप्पणी किए निरस्त हो गई।
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तीन अक्टूबर को तिकुनिया कस्बे में हुई हिंसक वारदात की कहानी एक बार फिर जिला जज अदालत में ताजा हो गई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम आशीष मिश्र ने क्रॉस केस की बात करते हुए जेल में बंद आरोपियों की ओर से झूठा फंसाया जाने की दलील दी। वहीं जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि तीन अक्टूबर को तिकुनिया कस्बे में जिस तरह प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया है।
वह खुद में गंभीर मामला है, जिसमें एक पत्रकार सहित आठ लोगों की जान चली गई। जमानत अर्जी देने वाले किसी रहम के काबिल नहीं है। जिला जज दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। शाम को सभासद सुमित जयसवाल सहित सभी छह आरोपियों की ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी विस्तृत आदेश करते हुए खारिज कर दी। संवाद
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शिशुपाल की जमानत अर्जी नॉट प्रेस
जिला जज मुकेश मिश्रा ने सुमित जयसवाल के साथ ही धर्मेंद्र बंजारा, शिशुपाल, आशीष पांडे, लव कुश राणा सहित सात आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है, जिसमें शिशुपाल की जमानत अर्जी उनके अधिवक्ता राम आशीष मिश्र द्वारा बल न दी जाने की बात कही गई। इसके चलते शिशुपाल की जमानत अर्जी नॉट प्रेस में और बाकी छह नामजद आरोपियों की जमानत अर्जी गुण दोष के आधार पर खारिज कर दी गई।
क्रॉस केस में जमानत अर्जी पर सुनवाई पांच को
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में दर्ज हुए क्रॉस केस के आरोपी कमलजीत सिंह ने जिला जज अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की है, जिसे सुनवाई के लिए दर्ज रजिस्टर करते हुए जिला जज मुकेश मिश्रा ने पांच फरवरी की तारीख मुकर्रर की है। एसआईटी ने जांच के बाद कमलजीत सिंह सहित तीन आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था।
वहीं चौथे आरोपी को हिंसा आगजनी के मामले में दोषी बताया था। इस मामले में तीन महीने से अधिक समय से जेल में बंद कमलजीत सिंह ने अपने अधिवक्ता रविंद्र कौर बत्रा के माध्यम से जमानत अर्जी जिला अदालत में दाखिल की है। खुद को निर्दोष बताते कमलजीत सिंह की ओर से यह बताया गया कि बिना किसी से कुछ जिला जेल में बंद किया गया है। अब जांच पूरी हो चुकी है।
ऐसे में मुकदमा सुनवाई के दौरान उसे जमानत पर छोड़ दिया जाए। वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने आरोपी कमलजीत सिंह के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का विवरण तिकुनिया पुलिस से तलब किया है और जमानत अर्जी में कही गई बातों का दाखिल करने के लिए तिकुनिया पुलिस को निर्देशित किया है। संवाद
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