लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में सोमवार को जिला अदालत में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत लवकुश और आशीष पांडेय की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। करीब ढाई घंटे तक चली अंतिम सुनवाई के बाद जिला जज मुकेश मिश्र ने आशीष मिश्र मोनू, लवकुश राना, और आशीष पांडेय की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
तिकुनिया कांड के मामले में सोमवार को जिला जज अदालत में आशीष मिश्र मोनू, लवकुश राना के साथ ही आशीष पांडेय की जमानत अर्जी पर सुनवाई लगी थी। 11 बजे शुरू हुई सुनवाई में बचाव पक्ष की ओर से झूठा फंसाए जाने की दलील देते हुए घटना के फोटोग्राफ से जुड़ी एलबम पेश की गई। साथ ही प्रदर्शनकारी किसानों के उग्र तांडव की ओर जोर देते हुए आशीष मिश्र मोनू सहित तीनों हत्यारोपियों की ओर से केस की सुनवाई के दौरान जमानत पर छोड़ने की गुहार लगाई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी अरविंद त्रिपाठी, संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से हाईकोर्ट के वकील धीरेंद्र कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद ख्वाजा, हरजीत सिंह, सुरेंद्र कुमार, यदुवेंद्र वर्मा और पम्मू ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपी आशीष मिश्र मोनू के खिलाफ दो आपराधिक मामले तिकुनिया थाने में दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा जिस तरह से प्रदर्शनकारी किसानों पर रूट डायवर्जन के बावजूद गाड़ी चढ़ाकर हत्या की गई है वह बहुत ही जघन्य है। किसानों पर फायरिंग किए जाने की बात भी सामने आ रही है। जमानत अर्जी के समर्थन में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से अधिवक्ता सलिल श्रीवास्तव और प्रभूरंजन त्रिपाठी पेश हुए जो जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश दुबे, अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह गौड़, चंद्रमोहन सिंह और रामाशीष मिश्र ने बचाव पक्ष जोरदार तरीके से रखा। लिखित फैक्ट नोट्स के साथ ही घटनास्थल से जुडे़ फोटोग्राफ भी दिखाए और क्रॉस केस मामले को भी जोरदार तरीके से उठाया। जिला जज ने करीब ढाई घंटे सुनवाई के बाद जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। देर शाम आठ पेज का विस्तृत आदेश देते हुए जिला जज मुकेश मिश्रा ने आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी खारिज कर दी। साथ ही आशीष पांडेय और लवकुश राना की जमानत अर्जी अदालत ने सुनवाई के बाद अलग-अलग आदेश देते हुए खारिज कर दी है।
219 नंबर एफआईआर के आरोपी आशीष मिश्र, आशीष पांडेय और लवकुश की जमानत अर्जी लगी थी। ढाई घंटे तक चली सुनवाई में आरोपियों को जघन्य अपराध में शामिल होना पाया गया, जिसके बाद उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। 60 चश्मदीदों ने अदालत को बताया है कि आशीष मिश्र को घटनास्थल पर देखा है।
- अरविंद त्रिपाठी, डीजीसी