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दिनभर खराब मौसम ने ढहाया कहर, घने बादलों के बीच होती रही बारिश

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खीरी में बारिश।
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दिनभर खराब मौसम ने ढहाया कहर,
घने बादलों के बीच होती रही बारिश
- शीतलहर और गलन का भी प्रकोप बढ़ा, ठंड से कांपी तराई
- मौसम विभाग ने आज भी बादल छाए रहने की संभावना जताई
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। शुक्रवार को भी सुबह से बादल छाए रहे। तेज हवाएं चलीं और दिन में कई बार कभी धीमे तो कभी तेज बारिश हुई। बारिश से आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग घरों में दुबके रहे। शाम होते ही शीतलहर व गलन का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी बादल छाए रहने की संभावना जताई है।
तराई क्षेत्र में मौसम ने इस वर्ष लोगों को काफी परेशान कर दिया है, क्योंकि जनवरी भर लगातार कड़ाके की ठंड का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद फरवरी में भी चार दिनों के अंदर मौसम ने जबरदस्त कहर बरपाया है, जिसमें दो दिनों के भीतर बारिश व ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। इससे सरसों, लाही समेत अन्य फसलों को भी नुकसान होने की संभावना है। वहीं शहर में भी आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया और बाजार में सन्नाटा पसर गया। लोग घरों से बाहर नहीं निकल सके।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून सक्रिय हुआ था, जिसका असर शनिवार को भी देखा जा सकता है। हालांकि अब बारिश की संभावना नहीं है। रविवार से मौसम सामान्य होगा।
ममरी। ओले गिरने के बाद शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहे। शीतलहर चलने से ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है। बारिश होने से गांव की गलियों में जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को निकलने में दिक्कत हो रही है। किसानों का कहना है कि मौसम की यदि यही हालत रही तो उनके खेतों में टीवी पर इलाही की फसल बर्बाद हो जाएगी। गेहूं मसूर की फसल की उपज पर भी प्रभाव पड़ेगा। उधर, बघून क्षेत्र में सरसों, मसूर, गेहूं आदि फसल गिरने से नुकसान हुआ है। किसान आलोक दीक्षित ने बताया कि सरसों की खड़ी फसल में अधिक नुकसान हुआ है।
बारिश से लाही की फसल चौपट, सब्जी पर भी संकट
बिजुआ। बेमौसम बारिश से क्षेत्र में अब फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। बृहस्पतिवार से शुक्रवार तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। तेज बिजली की गड़गड़ाहट के साथ ओले गिरने और तेज बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लाही की फसल गिर गई है। सब्जियों के खेतों में पानी भर जाने से सब्जियां खराब होने लगी हैं। गन्ने की छिलाई बंद हो गई है। पशुओं को चारा पानी नहीं मिल पा रहा है। गेहूं की फसल भी पानी भर जाने से खराब होने के आसार दिखाई दे रहे हैं। शारदा नदी के किनारे बसे गांवों का तो बहुत ही बुरा हाल है। अभी पानी खुलने के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही हैं। संवाद
तेज हवा और ओले से फसलों को पहुंची क्षति
अमीरनगर। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रुक रुक कर तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लाही, टमाटर, आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दो दिन पहले गेहूं की फसल की जो किसान सिंचाई कर चुके थे, उसमें बारिश का पानी भर जाने से गेहूं गिर गया। रास्तों में जलभराव हो जाने से लोगों को दिक्कतें रहीं। संवाद
क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ा, बिजली भी गुल
मोहम्मदी। दो दिनों से बारिश व ओलावृष्टि से ठंड बढ़ गई है। रात से कई गांवों की बिजली गुल हो गई है। बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। शुक्रवार को सुबह से बारिश शुरू हो गई, जिसमें पशु-पक्षी, आम जन मानस परेशान हो गए। किसानों ने बताया कि बारिश होने से आलू की खुदाई का काम रुक गया है। इस बार किसानों ने सरसों और आलू की फसल अधिक बोई थी। ओलावृष्टि होने से सरसों और आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। बौआ दुबाहा, केहुआ, गुलरिया ,परवस्तनगर खजुहा, नकेड़ा हथेला आदि गांवों की बिजली वृहस्पतिवार की रात से गुल है। जिम्मेदार अधिकारियों के फोन बंद हैं। एक कर्मचारी ने बताया कई जगहों पर तार टूट गए हैं उनको ठीक किया जा रहा है। संवाद
फोटो- 04एलकेएच502,503
बारिश से आलू में रोग की आशंका, किसान चिंतित
बांकेगंज। बारिश और तेज हवा के साथ क्षेत्र में जगह-जगह हुई ओलावृष्टि से जहां सरसों की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है, वहीं आलू की पछैती फसल में झुलसा रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञ मौसम साफ होने पर आलू की फसल में स्प्रे करने की सलाह दे रहे हैं।
कृषि वैज्ञानिक अनिल कुमार ने बताया कि सरसों की फसल तैयार है। पौधे पर फली बन चुकी है और उसमें दाना बनने की प्रक्रिया चल रही है। बारिश और तेज हवा से खेतों में फसल गिर गई है और जड़ें हिल गईं हैं। ऐसे में जमीन से पौधे को पोषण नहीं मिल पाएगा। फलों में बने दानों का पूरा विकास नहीं होगा। जिससे वे कमजोर, बारीक बनेंगे। उन्होंने बताया कि पछेती आलू की फसल में झुलसा रोग का खतरा है। किसान खेतों में पानी जमा न होने दें। मौसम साफ होते ही आलू की फसल में फफूंदी नाशक स्प्रे जरूर करें। संवाद
फोटो- 04एलकेएच501
तेज हवाओं के साथ बारिश से गिरी गेहूं और सरसों की फसल
बांकेगंज। दो दिन से तेज हवाओं के साथ लगातार हो रही बारिश से फसलों को काफी क्षति पहुंची है। खेतों में पककर तैयार खड़ी सरसों की फसल जहां गिर गई है वहीं अगैती बोआई की गई गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इससे किसान परेशान हैं।
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क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि बेमौसम हुई बारिश का फसल उत्पादन पर असर पड़ेगा। खेतों में भरे बारिश के पानी के निकास की समस्या के चलते और धूप न निकलने से फसलों में रोग लगने की आशंका बढ़ेगी। संवाद
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