लखीमपुर खीरी। आशा वर्कर और संगिनियों का कई साल का भुगतान लंबित है। इसके लिए रमियाबेहड़ और फरधान सीएचसी की आशा वर्कर व संगिनी सोमवार को सीएमओ से मिलीं। आशा व संगिनियों ने सालों का बकाया करोड़ों का भुगतान दिलाने के लिए सीमएओ से मांग की।
लंबित भुगतान को लेकर पिछले दिनों से आशा वर्कर और संगिनियों ने आमरण अनशन तक शुरू कर दिया था। इसके चार दिन बाद डीएम और सीएमओ ने चार दिन में भुगतान कराने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त करा दिया था। मगर, दस दिन बीतने के बाद भी अभी तक आशा वर्कर और संगिनयों को भुगतान नहीं किया गया। इससे नाराज रमियाबेहड़ और फरधान सीएचसी की आशा वर्करों ने सोमवार को सीएमओ से मिलकर लंबित धनराशि दिलाने की मांग की। आशा वर्कर और संगिनियों का कहना है कि 2016 से कई योजनाओं के देयकों का भुगतान नहीं किया गया। इस तरह करीब करोड़ों रुपये बकाया है। यदि मामले की सही तरीके से जांच हो जाए तो मामला आईने की तरह साफ हो जाएगा। इन्होंने बताया कि कि जांच के दौरान रमियाबेहड़ सीएचसी पहुंचे तत्कालीन डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने पैसा वसूलने की शिकायत मिलने के मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनका तबादला होते ही मामला फाइलों में दब गया। इस दौरान दोनो सीएचसी की तमाम आशा वर्कर और संगिनियां मौजूद रहीं।
आशा वर्कर और संगिनयां आई थीं। लंबित भुगतान कराने की मांग कर रही थीं। बकाया भुगतान को लेकर रमियाबेहड़ सीएचसी के ब्लॉक लेखा प्रबंधक से स्पष्टीकरण तलब किया गया था। मामले को दिखवाया जा रहा है जल्द ही इसका निराकरण कराया जाएगा।
डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ