Another farmer killed by tiger in Lakhimpur
तिकुनिया। खीरी और बहराइच जिले की सीमा पर बसी ग्राम पंचायत मंझरा पूरब के मजरा गांव दुमेडा निवासी एक युवक को जंगल से निकले बाघ ने उस वक्त हमला कर मार डाला जब वह गन्ने की गुड़ाई कर रहा था। युवक के भाई के शोर मचाने पर बाघ शव छोड़कर खेतों में गायब हो गया।
ग्राम पंचायत मंझरा पूरब के मजरा दुमेड़ा निवासी दुजई का 30 वर्षीय पुत्र महेश शनिवार सुबह गन्ने की गुड़ाई करने खेत पर गया था। पूर्वाह्न करीब 11 बजे जंगल से निकले एक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। बाघ ने उसकी गर्दन दबोच ली और उसे जंगल की ओर ले जाने लगा। महेश के साथ मौजूद उसके छोटे भाई ने जब यह मंजर देखा तो जोर-जोर से चिल्लाने लगा। यही नहीं उसने अपने भाई को बाघ के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास भी किया। शोरगुल सुनकर बाघ महेश को छोड़कर गन्ने के खेतों में लुप्त हो गया। महेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
गांव में बाघ के हमले में युवक की मौत की सूचना फैलते ही ग्रामीण खेत की ओर दौड़ पड़े। वन विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर महेश का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उत्तर निघासन वन रेंज बेलराया के रेंजर विमलेश कुमार, फॉरेस्ट चौकी मझरा इंचार्ज हरीलाल जगमोहन तथा एसटीपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंच गए। रेंजर विमलेश कुमार ने बाघ के हमले में युवक की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक के परिवार को दस हजार रुपये की तात्कालिक सहायता अंतिम संस्कार के लिए दी गई है। जंगल के आसपास वन विभाग की गश्त तेज कर दी गई है।