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Lakhimpur Kheri News: टैगिंग रोकने के लिए निगरानी में जुटीं कृषि टीमें

Wed, 14 Jan 2026 11:50 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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लखीमपुर खीरी। किसानों को खाद के साथ जबरन अन्य सामग्री बेचने (टैगिंग) पर शासन ने सख्ती दिखाई है। अब खाद की आपूर्ति करने वाली कंपनियां गैर-अनुदानित (सब्सिडी) उर्वरकों की आपूर्ति व बिक्री नहीं कर सकेंगी। यही नियम थोक व फुटकर विक्रेताओं पर भी लागू होगा।
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आदेश के बाद जिले में भी कृषि विभाग की टीमें टैगिंग के मामलों की निगरानी कर रही हैं। विभिन्न प्रकार की कंपनियां अभी तक यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित अन्य अनुदानित खाद के साथ ही बिना अनुदानित जिंक सहित अन्य कई सामग्री थोक विक्रेताओं को बेचते थी। थोक विक्रेता फुटकर को अनुदानित खाद के साथ गैर अनुदानित खाद बेचते हैं।
फुटकर विक्रेता किसानों पर यह थोपते हैं। बिना जरूरत के किसानों को सामान लेना पड़ता है। तमाम प्रकार की शिकायतें होने पर पड़ताल कराई गई तो विक्रेताओं ने बताया कि उनको कंपनी से जबरन सामान बेचा जाता है, तो वह लोग आगे बेचते हैं। इस पर शासन ने सख्त दिखाई और कंपनियों पर गैर अनुदानित उर्वरक की आपूर्ति पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया, ताकि किसानों पर बोझ न बढ़े।
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जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि निदेशालय (उर्वरक अनुभाग) ने एक जनवरी के बाद से अनुदानित (सब्सिडी) उर्वरकों के अतिरिक्त सभी गैर-अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति एवं बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध कर दिया है। यूरिया आपूर्ति वाली संस्थाएं अब सिर्फ अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति कर सकेंगी। थोक व फुटकर विक्रेताओं के लिए भी यही निर्देश हैं। कहीं भी कोई टैगिंग का मामला सामने आता है तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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