लखीमपुर खीरी। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक्स-रे की व्यवस्था को फ्रैक्चर हो गया है। अधिकांश जगह मशीनें हैं लेकिन लैब टेक्नीशियन की स्थायी तैनाती नहीं है। इससे तीन-तीन दिन जांच के लिए व्यवस्था बनाई गई है।
धौरहरा में तो स्थिति ये है कि 10 साल से यहां एक्स-रे मशीन ही नहीं है। मरीजों को जांच के लिए प्राइवेट लैब या कई किलोमीटर का सफर कर जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। यहां प्रतिदिन करीब 200-300 मरीजों की ओपीडी रहती है। इसमें अधिकांश मरीजों को चिकित्सक एक्स-रे जांच के लिए लिखते हैं। मशीन न होने से यहां तैनात दो लैब टेक्नीशियन को अन्य जगह संबद्ध कर दिया गया।
मितौली सीएचसी में एक्स-रे मशीन लगी हुई है। हालांकि, टेक्नीशियन तीन दिन मितौली, जबकि तीन दिन पसगवां सीएचसी में रहते हैं। यही हाल गोला सीएचसी का भी है। यहां संबद्ध टेक्नीशियन तीन दिन मोहम्मदी सीएचसी में रहते हैं, जिससे गोला और मोहम्मदी में तीन दिन ही जांचें हो पाती हैं।
सीएचसी खमरिया में लगी एक्स-रे मशीन काफी पुरानी है। बिजली की सही व्यवस्था न होने से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
जनरेटर या वैकल्पिक व्यवस्था न होने से एक्स-रे मशीन शोपीस बनकर रह गई है। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सीएचसी फरधान में डिजिटल एक्स-रे मशीन है लेकिन फिल्म कई महीनों से नहीं है। इससे मरीजों को जांच के बाद कागज पर लिखकर रिपोर्ट दी जा रही है। सीएचसी पसगवां में पुरानी एक्स-रे मशीन से काम चलाया जा रहा है। कभी-कभी फिल्म साफ नहीं आ पाती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौरहरा। संवाद- फोटो : टूंडला के कच्चा टूंडला में रास्ते पर लगाई दीवार हटाते पालिकाकर्मी नगर पालिका
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौरहरा। संवाद- फोटो : टूंडला के कच्चा टूंडला में रास्ते पर लगाई दीवार हटाते पालिकाकर्मी नगर पालिका
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